सबौर से शुरू हुई जहाज सेवा, विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद लोगों को मिली बड़ी राहत

विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद अब सबौर प्रखंड के बाबूपुर घाट से जहाज सेवा शुरू कर दी गई है, जिससे ट्रकों और छोटे वाहनों की आवाजाही फिर शुरू हो गई है। पहले ट्रकों को मुंगेर होकर लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा था, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ गए थे। हालांकि जलमार्ग व्यवस्था सड़क मार्ग की तुलना में महंगी है, फिर भी ट्रक मालिक और व्यापारियों को इससे बड़ी राहत मिली है।
भागलपुर | BLive Desk
विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने और यातायात प्रभावित होने के बाद अब सबौर प्रखंड के बाबूपुर घाट से जहाज सेवा शुरू कर दी गई है। बुधवार से शुरू हुई इस व्यवस्था के तहत ट्रकों, छोटे मालवाहक वाहनों और अन्य वाहनों को गंगा पार कराया जा रहा है।
तस्वीरों और वीडियो में देखा जा सकता है कि कई ट्रक और छोटे वाहन जहाज पर सवार होकर गंगा की लहरों को चीरते हुए दूसरे किनारे की ओर जा रहे हैं। लंबे समय से आवागमन बाधित रहने के कारण व्यापारियों, ट्रक चालकों और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद ट्रकों को मुंगेर होकर लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा था, जिससे समय और ईंधन दोनों की खपत काफी बढ़ गई थी। लगभग 10 किलोमीटर की दूरी कई मामलों में 150 किलोमीटर तक पहुंच गई थी।
अब बाबूपुर घाट से जहाज सेवा शुरू होने के बाद मालवाहक वाहनों के परिचालन में राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि सड़क मार्ग की तुलना में यह जलमार्ग व्यवस्था महंगी पड़ रही है, फिर भी ट्रक मालिक और व्यवसायी इसे राहतभरी शुरुआत मान रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सेवा के शुरू होने से आवश्यक सामानों की आवाजाही आसान होगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। वहीं प्रशासन की ओर से व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।
गंगा नदी के रास्ते वाहनों का यह परिचालन फिलहाल क्षेत्र के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।
