बिहार में गिरते पुलों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, बड़े स्तर पर शुरू हुआ ऑडिट

बिहार में लगातार पुल गिरने की घटनाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त हो गया है। राज्य में 250 मीटर से बड़े 85 महत्वपूर्ण पुलों का ऑडिट शुरू किया गया है और आधुनिक निगरानी प्रणाली लागू करने की तैयारी चल रही है।
भागलपुर | BLive डेस्क
बिहार में लगातार पुल गिरने की घटनाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। इस मामले में दायर जनहित याचिका (PIL) के बाद राज्य में पुलों की सुरक्षा, ऑडिट और निगरानी व्यवस्था को लेकर बड़ी कार्रवाई शुरू की गई है।
जानकारी के अनुसार, अधिवक्ता ब्रजेश सिंह द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिसमें बिहार के कमजोर, पुराने और निर्माणाधीन पुलों की सुरक्षा जांच कराने की मांग की गई थी। याचिका में कहा गया था कि राज्य में लगातार पुल गिरने की घटनाएं लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुकी हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार और केंद्र सरकार से जवाब मांगा था। बाद में इस मामले को पटना हाईकोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां इसकी निगरानी में पुलों की ऑडिट प्रक्रिया चल रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, 250 मीटर से बड़े 85 महत्वपूर्ण पुलों का विस्तृत ऑडिट किया जा रहा है। इनमें से कई पुलों की सुरक्षा जांच पूरी हो चुकी है। साथ ही बिहार राज्य पुल निर्माण निगम और NHAI को भी अपने-अपने क्षेत्र के पुलों की निगरानी और रखरखाव के निर्देश दिए गए हैं।
याचिका में यह भी मांग की गई थी कि बिहार में सभी पुलों की Real-Time निगरानी के लिए सेंसर आधारित आधुनिक सिस्टम विकसित किया जाए, ताकि समय रहते कमजोर पुलों की पहचान की जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निगरानी और रखरखाव की प्रक्रिया मजबूत होती है, तो भविष्य में पुल दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। फिलहाल राज्य में पुलों की सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक स्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
