भागलपुर दौरे पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का फोकस विकास और श्रावणी मेला तैयारियों पर

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भागलपुर दौरे के दौरान विकास परियोजनाओं, आधारभूत संरचना कार्यों और श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को लंबित योजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने, विकास कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने तथा श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में विक्रमशिला सेतु सहित विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा की गई।
भागलपुर | BLive डेस्क
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को भागलपुर दौरे के दौरान जिले की प्रमुख विकास परियोजनाओं, आधारभूत संरचना कार्यों और श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों की समीक्षा की। समाहरणालय स्थित समीक्षा भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने लंबित परियोजनाओं की स्थिति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को कार्यों की नियमित निगरानी और निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का लाभ आम लोगों तक प्रभावी रूप से पहुंचना चाहिए और इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर सतत निगरानी आवश्यक है।
आधारभूत संरचना परियोजनाओं पर हुई चर्चा
समीक्षा बैठक में सड़क, पुल और संपर्क मार्गों से जुड़ी परियोजनाओं पर विशेष चर्चा की गई। विक्रमशिला सेतु, गंगा पथ, संपर्क मार्गों तथा अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया। अधिकारियों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाएं क्षेत्रीय विकास की आधारशिला हैं और इनके समय पर पूरा होने से आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा।
श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने आगामी श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, पेयजल उपलब्धता, यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी कर ली जाएं। साथ ही विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
