बिहार में बड़े पैमाने पर शिक्षक तबादले की तैयारी, जून के अंत तक पूरी हो सकती है प्रक्रिया

बिहार में बड़े पैमाने पर शिक्षक स्थानांतरण की तैयारी तेज हो गई है। सरकार जून के अंत तक ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी करने की योजना बना रही है। शिक्षक, HM, HT और विभिन्न श्रेणियों के शिक्षकों को स्थानांतरण का अवसर मिल सकता है। अंतरजिला, सेम जिला और म्यूचुअल ट्रांसफर के विकल्प भी उपलब्ध होने की संभावना है। 17 जून को कैबिनेट से नई नियमावली को मंजूरी मिलने के बाद ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
पटना | BLive Desk
बिहार में लंबे समय से स्थानांतरण का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार व्यापक शिक्षक स्थानांतरण नीति को अंतिम रूप देने में जुटी है और जून के अंत तक तबादला प्रक्रिया पूरी होने की संभावना जताई जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, स्थानांतरण नियमावली लगभग तैयार है और 10 जून तक विद्यालयों में रैशनलाइजेशन (Rationalization) का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद नई नियमावली को मंजूरी मिलने पर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत शिक्षक, प्रधानाध्यापक (HM) और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधान शिक्षक (HT) सहित विभिन्न श्रेणियों के शिक्षकों को स्थानांतरण का अवसर मिलेगा। टीआरई-3 के तहत नियुक्त शिक्षकों को भी इस प्रक्रिया में शामिल किए जाने की चर्चा है।
बताया जा रहा है कि स्थानांतरण पूरी तरह ऐच्छिक (Voluntary) होगा। केवल वे शिक्षक आवेदन करेंगे जो स्थानांतरण चाहते हैं। किसी शिक्षक का जबरन तबादला नहीं किया जाएगा।
नई व्यवस्था में अंतरजिला (Inter-District) और एक ही जिले के भीतर (Intra-District) दोनों प्रकार के स्थानांतरण का विकल्प उपलब्ध हो सकता है। साथ ही, जिन विद्यालयों में आवश्यकता से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं, वहां से शिक्षकों के समायोजन पर भी विचार किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, स्थानांतरण प्रक्रिया के दौरान म्यूचुअल ट्रांसफर (Mutual Transfer) का विकल्प भी खोला जा सकता है, जिससे आपसी सहमति से शिक्षक अपने कार्यस्थल बदल सकेंगे।
जानकारी यह भी है कि 17 जून को होने वाली कैबिनेट बैठक में स्थानांतरण नियमावली को मंजूरी मिल सकती है। इसके बाद शिक्षा विभाग पोर्टल के माध्यम से आवेदन आमंत्रित करेगा।
इस बीच, करीब 15 वर्ष पहले बहाल किए गए लगभग 1600 लाइब्रेरियनों के तबादले को लेकर भी सरकार स्तर पर विचार-विमर्श चल रहा है और इस संबंध में जल्द निर्णय लिया जा सकता है।
यदि प्रस्तावित समयसीमा के अनुसार प्रक्रिया आगे बढ़ती है तो राज्य के हजारों शिक्षकों को लंबे इंतजार के बाद स्थानांतरण का अवसर मिल सकता है।
