भागलपुर में कोयला भंडार की खोज से खुलेंगे उद्योग और निवेश के नए रास्ते: डीएम

भागलपुर में कोयला भंडार की खोज को जिला प्रशासन ने औद्योगिक विकास की बड़ी उपलब्धि बताया है। डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी के अनुसार इससे ऊर्जा उत्पादन, बड़े निवेश, नए उद्योगों और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। कहलगांव एनटीपीसी और प्रस्तावित पीरपैंती पावर प्लांट के साथ यह क्षेत्र औद्योगिक हब के रूप में विकसित हो सकता है।
भागलपुर | BLive Desk
भागलपुर जिले में कोल ब्लॉक (कोयला भंडार) की खोज को औद्योगिक विकास की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताते हुए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा है कि यह खोज जिले के आर्थिक और औद्योगिक भविष्य को नई गति दे सकती है। उन्होंने विश्वास जताया कि इससे न केवल ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती मिलेगी, बल्कि बड़े निवेश और नए उद्योगों की स्थापना की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
मीडिया से बातचीत के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि भागलपुर अब औद्योगिक निवेश के लिए अनुकूल वातावरण वाले जिले के रूप में उभर रहा है। जिले में कोयला भंडार की उपलब्धता, गंगा नदी के रूप में प्रचुर जल संसाधन और ऊर्जा उत्पादन के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना पहले से मौजूद है, जो इसे उद्योगों के लिए आकर्षक बनाती है।
उन्होंने बताया कि कहलगांव स्थित एनटीपीसी देश के प्रमुख विद्युत उत्पादन केंद्रों में शामिल है, जबकि पीरपैंती में एक बड़े पावर प्लांट की स्थापना की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कोयले का उपयोग ऊर्जा उत्पादन और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में किया जा सकेगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि कोल ब्लॉक विकास से जुड़ी प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाओं की राज्य सरकार लगातार निगरानी कर रही है। परियोजना की नियमित समीक्षा की जा रही है तथा आवश्यक रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। टेंडर प्रक्रिया भी निर्धारित चरणों के अनुसार आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकती है। कहलगांव क्षेत्र पहले से औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा है और अब कोल ब्लॉक, एनटीपीसी तथा प्रस्तावित पावर प्लांट के साथ यह क्षेत्र बड़े औद्योगिक निवेश का केंद्र बन सकता है।
जिलाधिकारी के अनुसार कोयला भंडार की खोज भागलपुर में रोजगार सृजन, औद्योगिक विस्तार और आर्थिक विकास को नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है। आने वाले वर्षों में इससे जिले की विकास यात्रा को उल्लेखनीय गति मिलने की उम्मीद है।
