दो डिग्री एक साथ करने वालों को बड़ी राहत: झारखंड हाईकोर्ट ने नियुक्ति का रास्ता किया साफ

झारखंड हाईकोर्ट ने फैसला दिया है कि यदि किसी अभ्यर्थी ने एक डिग्री Regular Mode और दूसरी Distance Mode से एक ही अवधि में प्राप्त की है, तो केवल इसी आधार पर उसे अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता। कोर्ट ने JSSC को पात्र अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश दिया है। इस निर्णय से हजारों अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
रांची । BLive Desk
झारखंड हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि यदि किसी अभ्यर्थी ने एक डिग्री नियमित (Regular Mode) और दूसरी दूरस्थ शिक्षा (Distance Mode) से एक ही शैक्षणिक अवधि में प्राप्त की है, तो केवल इसी आधार पर उसकी नियुक्ति या पात्रता को खारिज नहीं किया जा सकता।
न्यायालय ने माना कि UGC के दिशा-निर्देश बाध्यकारी हैं और नियमित तथा दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से एक साथ प्राप्त डिग्रियों को अमान्य नहीं माना जा सकता।
यह मामला JSSC की शिक्षक भर्ती से जुड़ा था, जिसमें कई अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी इस आधार पर रोक दी गई थी कि उन्होंने B.Ed. और स्नातकोत्तर जैसी डिग्रियां एक ही अवधि में प्राप्त की थीं।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार या आयोग ऐसा कोई नियम प्रस्तुत नहीं कर सके, जो एक साथ Regular और Distance Mode से दो पाठ्यक्रम करने पर रोक लगाता हो।
अदालत ने संबंधित आदेशों को निरस्त करते हुए JSSC को पात्र अभ्यर्थियों के नाम नियुक्ति के लिए राज्य सरकार को भेजने तथा राज्य सरकार को नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश दिया है।
इस फैसले को हजारों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, जिनकी नियुक्ति या पात्रता दोहरी डिग्री के कारण प्रभावित हो रही थी।
मुख्य बिंदु
- एक डिग्री Regular और दूसरी Distance Mode से होने पर नियुक्ति नहीं रोकी जा सकती
- UGC के दिशा-निर्देशों को हाईकोर्ट ने माना बाध्यकारी
- JSSC को पात्र अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश
- हजारों अभ्यर्थियों को फैसले से मिल सकती है राहत
