होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर ईरान का बड़ा दावा, ओमान के पास जहाज पर हमले के बाद बढ़ा तनाव

ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर अपने अधिकार का दावा दोहराया है। ओमान के पास एक जहाज पर हमले के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। अमेरिका ने घटना के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि ईरान ने अपने अधिकारों पर जोर देते हुए विदेशी टैंकरों को लौटाने का दावा किया है। बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
अंतरराष्ट्रीय | BLive डेस्क
मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने शुक्रवार को कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही पर उसके अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए। यह बयान ओमान के पास एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले के एक दिन बाद आया है, जिससे क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने अमेरिका और खाड़ी देशों के उस संयुक्त बयान पर आपत्ति जताई है जिसमें जलडमरूमध्य में बिना किसी प्रतिबंध के नौवहन की बात कही गई थी। ईरान का कहना है कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग के संचालन में उसकी भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
ईरान ने तीन विदेशी टैंकरों को लौटाने का दावा किया
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की चेतावनी के बाद कथित रूप से तीन विदेशी तेल टैंकरों को वापस लौटना पड़ा। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
ओमान के पास जहाज पर हमला
सिंगापुर के झंडे वाले एक मालवाहक जहाज Ever Lovely को ओमान के निकट एक अज्ञात वस्तु के टकराने से नुकसान पहुंचा। जहाज में सवार किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है और बाद में जहाज अपनी यात्रा पर आगे बढ़ गया।
अमेरिका के दो अधिकारियों ने इस घटना के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि ईरान ने सीधे तौर पर हमले की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की है।
वैश्विक तेल बाजार पर असर
होर्मुज़ जलडमरूमध्य से दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) की आपूर्ति गुजरती है। बढ़ते तनाव के बावजूद शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
समुद्री सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने ओमान की घटना के बाद जहाजों की सुरक्षा से जुड़े अपने एस्कॉर्ट अभियान को अस्थायी रूप से रोक दिया है। वहीं कई देशों ने अपने जहाजों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक मार्गों पर विचार शुरू कर दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज़ जलडमरूमध्य में तनाव और बढ़ता है तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, तेल कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है।
