ईरान-अमेरिका तनाव के बीच युद्धविराम की नई उम्मीद, दोनों देश फिर से वार्ता के लिए राजी

खाड़ी में कई दिनों की जंग के बाद ईरान और अमेरिका एक बार फिर युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं। रॉयटर्स के अनुसार दोनों देश पीछे हटेंगे और मंगलवार को कतर में वार्ता फिर शुरू होगी। इससे पहले ईरान ने कुवैत-बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल-ड्रोन हमले किए थे, जबकि ट्रंप ने ईरान के अस्तित्व को लेकर कड़ी चेतावनी दी थी।
29 जून 2026 | नई दिल्ली | BLive डेस्क
खाड़ी क्षेत्र में कई दिनों से जारी हमलों और जवाबी हमलों के बीच ईरान और अमेरिका ने रविवार को एक बार फिर शांति की राह पर कदम बढ़ाया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि दोनों देश खाड़ी में हालिया हिंसा को रोकने और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अपने विवाद पर दोबारा बातचीत शुरू करने पर सहमत हो गए हैं।
रॉयटर्स के अनुसार अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि दोनों पक्ष अभी के लिए पीछे हट जाएंगे और जहाजों की आवाजाही फिर से स्वतंत्र रूप से शुरू हो सकेगी। मंगलवार को कतर में तकनीकी वार्ता फिर से शुरू होने की संभावना है।
यह घटनाक्रम उस वक्त सामने आया जब ईरान ने रविवार तड़के कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें और ड्रोन दागे। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा कि यह हमला अमेरिका द्वारा युद्धविराम तोड़ने के जवाब में किया गया। हालांकि रॉयटर्स को दिए बयान में एक अमेरिकी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मध्य-पूर्व में किसी अमेरिकी सैनिक के हताहत होने या किसी ठिकाने को बड़े नुकसान की खबर नहीं है।
बहरीन में ईरानी हमले से मुहर्रक प्रांत में एक आवासीय इमारत क्षतिग्रस्त हुई, जिसमें कोई हताहत नहीं हुआ। बहरीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से ईरान को जवाबदेह ठहराने के लिए आपातकालीन बैठक बुलाने की मांग की है। कुवैत की सेना ने दो बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया।
इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने समझौते का सम्मान नहीं किया तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई पूरी करने पर मजबूर हो सकता है। उन्होंने कहा था कि अगर ऐसा हुआ तो इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।
गौरतलब है कि 17 जून को हुए 14-सूत्रीय अंतरिम शांति समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को यातायात के लिए फिर से खोला जाना था। स्विट्जरलैंड में अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कलीबाफ के नेतृत्व में वार्ता का एक दौर भी हो चुका था, लेकिन उसके बाद भी लड़ाई फिर से शुरू हो गई।
उधर इजरायल ने रविवार को दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले फिर से शुरू कर दिए। ईरान का कहना है कि व्यापक शांति समझौते को बनाए रखने के लिए लेबनान में भी लड़ाई बंद होनी जरूरी है।
(स्रोत: रॉयटर्स)
