ईरान-अमेरिका सीजफायर पर संकट के बादल, तेल टैंकरों पर हमले और अमेरिकी रियायत वापसी से बढ़ा तनाव, कच्चे तेल की कीमतें उछलीं

अमेरिका ने ईरान को कच्चा तेल बेचने की छूट वापस ले ली है, जिसके बाद कच्चे तेल की कीमतों में 3% से ज्यादा का उछाल आया। इसी बीच फारस की खाड़ी में कतर और सऊदी झंडे वाले जहाजों पर हमले हुए, जिसके लिए कतर ने ईरान को जिम्मेदार ठहराया। ईरान में कई जगह विस्फोट हुए और अमेरिका ने ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम पर कार्रवाई की। स्थायी समझौते की बातचीत अटकी हुई है और ट्रंप ने दोबारा बमबारी की धमकी दी है।
अंतरराष्ट्रीय डेस्क | BLive
पिछले महीने अमेरिका और ईरान के बीच हुआ सीजफायर समझौता अब गंभीर खतरे में दिख रहा है। मंगलवार को वाशिंगटन ने एक अहम रियायत वापस ले ली, जिसके तहत ईरान को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल बेचने की छूट मिली हुई थी। इस फैसले के तुरंत बाद कच्चे तेल की कीमतों में 3% से ज्यादा का उछाल देखा गया।
क्या था अमेरिकी रियायत का मामला
अमेरिकी ट्रेजरी ने 22 जून को एक जनरल लाइसेंस जारी किया था, जिसके तहत ईरानी मूल के कच्चे तेल, पेट्रोकेमिकल और पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री 21 अगस्त तक की अनुमति दी गई थी। मंगलवार को इस लाइसेंस को रद्द करते हुए अमेरिका ने ईरान को अपने लंबित लेन-देन निपटाने के लिए 17 जुलाई तक का समय दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस कदम की कड़ी निंदा करते हुए इसे युद्धविराम के मूल ढांचे का उल्लंघन बताया और कहा कि इसके नतीजों की जिम्मेदारी अमेरिका की होगी।
समुद्र में जहाजों पर हमले
इसी बीच फारस की खाड़ी क्षेत्र में कई जहाजों पर हमले की खबरें सामने आईं:
- कतर ने एक बड़े एलएनजी टैंकर अल रेकायत पर ड्रोन हमले का आरोप ईरान पर लगाया, जिसमें इंजन रूम में आग लग गई, हालांकि चालक दल सुरक्षित रहा।
- ओमान के पास एक सऊदी झंडे वाला क्रूड ऑयल टैंकर भी क्षतिग्रस्त हुआ।
- कतर ने ईरान के उप-राजदूत को तलब कर विरोध पत्र सौंपा।
- एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार शुरुआती जानकारी में ईरान द्वारा तीन व्यावसायिक जहाजों पर फायरिंग किए जाने के संकेत मिले हैं।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने कतर के आरोपों को हैरान करने वाला बताया, हालांकि यह भी कहा कि जो जहाज ईरान के साथ समन्वय के बिना मार्ग इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें जोखिम का सामना करना पड़ सकता है।
ईरान में विस्फोट, अमेरिका ने की एयर डिफेंस पर कार्रवाई
ईरानी मीडिया के अनुसार बुधवार तड़के खर्ग द्वीप (जहां से ईरान अपने कुल कच्चे तेल निर्यात का करीब 90% भेजता है), किश्म द्वीप, सिरिक और बंदर अब्बास में विस्फोट हुए। किसी नागरिक की मौत की खबर नहीं है, लेकिन कुछ लोग घायल हुए और कई मछली पकड़ने वाली नावों में आग लग गई। एक अमेरिकी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि हमलों में ईरान के को निशाना बनाया गया।
