भागलपुर में पेयजल और स्वच्छता योजनाओं की समीक्षा, जलापूर्ति, भुगतान और कचरा प्रबंधन में तेजी लाने के निर्देश

भागलपुर में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन (DWSM) की समीक्षा बैठक में पेयजल योजनाओं, हर घर जल मिशन, शौचालय निर्माण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और नल-जल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को लंबित भुगतान, जल गुणवत्ता निगरानी, कचरा पृथक्करण और सभी योजनाओं को तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।
भागलपुर | BLive Desk
भागलपुर समाहरणालय स्थित समीक्षा भवन में अपर समाहर्ता (विधि-व्यवस्था) सह प्रभारी जिलाधिकारी राकेश रंजन की अध्यक्षता में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन (DWSM) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित पेयजल एवं स्वच्छता योजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता, रखरखाव तथा विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई।
हर घर जल योजना और जलापूर्ति पर विशेष जोर
बैठक में हर घर जल योजना, जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति, पंप ऑपरेटरों एवं अनुरक्षकों के मानदेय भुगतान, बिजली बिलों के भुगतान, पेयजल शिकायतों के समयबद्ध समाधान तथा जल गुणवत्ता की नियमित निगरानी पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
व्यक्तिगत शौचालय निर्माण की समीक्षा
समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में 24,000 व्यक्तिगत शौचालयों के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 10,952 लाभार्थियों को भुगतान किया जा चुका है। शेष लाभार्थियों की जियो-टैगिंग एवं भुगतान प्रक्रिया जारी है, जिसे अगले दो माह में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। साथ ही 10 सामुदायिक स्वच्छता परिसरों के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
चार प्रकार के कचरे के पृथक्करण पर जोर
बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रभावी अनुपालन की समीक्षा की गई। प्रत्येक घर में गीला, सूखा, मेडिकल तथा बायो-हैजार्ड अपशिष्ट के पृथक्करण (4-पॉइंट सोर्स सेग्रीगेशन) को लागू करने पर बल दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि जिले की लगभग 25 प्रतिशत ग्राम पंचायतों में यह व्यवस्था लागू हो चुकी है तथा शेष पंचायतों में अगले एक माह के भीतर इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
गोवर्धन योजना के बायोगैस प्लांट की समीक्षा
गोराडीह प्रखंड के विशनपुर जिच्छो ग्राम पंचायत में गोवर्धन योजना के तहत संचालित बायोगैस प्लांट की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि संयंत्र अपनी पूर्ण क्षमता से संचालित नहीं हो रहा है। संबंधित एजेंसी को प्लांट के संचालन और अनुरक्षण में सुधार कर उसे पूर्ण क्षमता से संचालित करने के निर्देश दिए गए।
नल-जल योजनाओं और मानदेय भुगतान पर निर्देश
बैठक में नल-जल योजनाओं की संयुक्त जांच रिपोर्ट, स्वच्छता कर्मियों एवं पर्यवेक्षकों के मानदेय भुगतान तथा लंबित भुगतानों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने तथा सभी योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।
