बिहार में शिक्षक स्थानांतरण की नई संचालन प्रक्रिया जारी, पहले होगा समायोजन-समानीकरण; सामान्य ट्रांसफर बाद में

बिहार शिक्षा विभाग ने शिक्षक स्थानांतरण नियमावली 2026 के क्रियान्वयन के लिए नई संचालन प्रक्रिया जारी की है। इसके तहत पहले समायोजन/समानीकरण, फिर पारस्परिक स्थानांतरण और उसके बाद सामान्य स्थानांतरण होगा। सामान्य स्थानांतरण के लिए न्यूनतम 5 वर्ष की सेवा जरूरी होगी। अधिशेष शिक्षक अधिकतम 30 विद्यालयों, जबकि अंतर जिला स्थानांतरण के इच्छुक शिक्षक 5 जिलों का विकल्प दे सकेंगे। 31 मार्च 2026 को 58 वर्ष की आयु पूरी कर चुके शिक्षकों को समायोजन में राहत दी गई है। आवेदन, आपत्ति और शिकायत की प्रक्रिया ई-शिक्षाकोष पोर्टल से ही होगी।
पटना | BLive डेस्क
बिहार शिक्षा विभाग ने बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली 2026 के क्रियान्वयन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया जारी कर दी है। शिक्षा विभाग की 21 जुलाई 2026 की अधिसूचना के अनुसार शिक्षकों के स्थानांतरण से जुड़े सभी कार्य ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से किए जाएंगे।
नई व्यवस्था में सबसे पहले समायोजन/समानीकरण, उसके बाद पारस्परिक स्थानांतरण और अंत में सामान्य स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
सामान्य स्थानांतरण के लिए न्यूनतम 5 वर्ष की सेवा
नई प्रक्रिया के अनुसार सामान्य स्थानांतरण के लिए नियमावली में निर्धारित न्यूनतम पांच वर्ष की सेवा अवधि पूरी करना आवश्यक होगा। वहीं परिवीक्षा अवधि में कार्यरत शिक्षक, प्रधानाध्यापक और प्रधान शिक्षक सामान्य स्थानांतरण के पात्र नहीं होंगे।
हालांकि पिछले दो वर्षों में स्थानांतरित शिक्षक, पारस्परिक स्थानांतरण वाले शिक्षक सहित, इस चरण की स्थानांतरण प्रक्रिया में पात्र होंगे। सेवा अवधि और कार्यानुभव की गणना के लिए 31 मार्च 2026 को कट-ऑफ डेट रखा गया है।
सबसे पहले अधिशेष शिक्षकों का होगा समायोजन
विभाग ने स्पष्ट किया है कि सबसे पहले समायोजन/समानीकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके तहत शिक्षक-अभाव और अधिशेष शिक्षक वाले विद्यालयों की सूची विभागीय पोर्टल पर प्रकाशित की जाएगी।
अधिशेष शिक्षकों की पहचान में विद्यालय की आवश्यकता, संवर्ग, विषय और वर्तमान विद्यालय में योगदान की तिथि जैसे मानकों को ध्यान में रखा जाएगा।
यदि किसी विद्यालय में अधिशेष श्रेणी के सभी शिक्षकों की पदस्थापन अवधि पांच वर्ष से कम है, तो वहां सबसे कम अवधि से पदस्थापित शिक्षक को अधिशेष शिक्षक के रूप में चिह्नित किया जाएगा।
