मिस्र के दामिएटा बंदरगाह पर ड्रोन हमला, स्वेज नहर की सुरक्षा और वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर बढ़ी चिंता

मिस्र के दामिएटा बंदरगाह पर दो गैस टैंकरों पर हुए ड्रोन हमले के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ गई है। हालांकि स्वेज नहर का संचालन सामान्य है और किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्वेज नहर क्षेत्र में सुरक्षा संकट गहराता है तो तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार, शिपिंग लागत और वैश्विक महंगाई पर व्यापक असर पड़ सकता है।
काहिरा/लंदन | BLive डेस्क
मिस्र के दामिएटा (Damietta) बंदरगाह पर दो गैस टैंकरों को निशाना बनाकर किए गए ड्रोन हमले के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ गई है। हालांकि अब तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है और स्वेज नहर का संचालन सामान्य रूप से जारी है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नहर क्षेत्र में सुरक्षा जोखिम बढ़ता है तो वैश्विक तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार और शिपिंग लागत पर व्यापक असर पड़ सकता है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान-इजरायल संघर्ष और लाल सागर क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब पहले ही अपने तेल निर्यात का बड़ा हिस्सा स्वेज नहर और SUMED पाइपलाइन के माध्यम से भेज रहा है। ऐसे में मिस्र के भूमध्यसागरीय तट पर हुआ यह हमला वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए नई चुनौती माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि स्वेज नहर क्षेत्र में हमलों या सुरक्षा खतरों में बढ़ोतरी होती है तो जहाजों का वार-रिस्क इंश्योरेंस प्रीमियम, माल ढुलाई लागत और कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। इससे एशियाई देशों सहित कई देशों तक तेल पहुंचने में देरी होने की आशंका भी जताई जा रही है।
हालांकि फिलहाल बाजार ने स्वेज नहर में किसी बड़े व्यवधान की आशंका को कीमतों में शामिल नहीं किया है। मिस्र के अधिकारियों का भी कहना है कि नहर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत है और जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है।
फिलहाल इस घटना को लेकर जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां हमले के पीछे जिम्मेदार तत्वों का पता लगाने में जुटी हैं।
स्रोत: Reuters
