भागलपुर में जीविका-सुधा विक्रय केंद्र का उद्घाटन, ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार का नया अवसर

भागलपुर के गोराडीह प्रखंड में जिलाधिकारी अंजना पांडेय ने जीविका-सुधा विक्रय केंद्र का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत यह पहल ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और ग्रामीण क्षेत्रों में सुधा के दूध एवं दुग्ध उत्पादों की आसान उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए की गई है।
भागलपुर | BLive डेस्क
भागलपुर की जिलाधिकारी श्रीमती अंजना पांडेय ने जिले के गोराडीह प्रखंड में जीविका-सुधा विक्रय केंद्र का उद्घाटन किया। इस केंद्र का संचालन जीविका दीदी द्वारा किया जाएगा। केंद्र के माध्यम से सुधा के दूध एवं दुग्ध उत्पाद ग्रामीण उपभोक्ताओं तक आसानी से उपलब्ध कराए जाएंगे।
जीविका स्वयं सहायता समूह की सदस्य चंदा देवी को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत जीविका-सुधा विक्रय केंद्र उपलब्ध कराया गया है। योजना के तहत चयनित महिलाओं को 60 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, जबकि लाभार्थी महिला को 15 हजार रुपये का अंशदान स्वयं करना होगा। इस प्रकार कुल 75 हजार रुपये की पूंजी का उपयोग डीप फ्रीजर, विजी कूलर, परिवहन सहायता सहित डेयरी उत्पादों की खरीद और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि सुधा विक्रय केंद्र ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका और स्वरोजगार का महत्वपूर्ण माध्यम बनेंगे। इस पहल के तहत भागलपुर जिले की प्रत्येक पंचायत में जीविका-सुधा विक्रय केंद्र स्थापित करने की योजना है। इन केंद्रों का संचालन जीविका स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं करेंगी।
अब तक जिले की 200 से अधिक पंचायतों में जीविका दीदियों का चयन किया जा चुका है। इस पहल से एक ओर ग्रामीण महिलाओं के लिए स्थायी आजीविका एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण उपभोक्ताओं को सुधा के दूध एवं दुग्ध उत्पाद आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।
योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक महिला के पास पंचायत क्षेत्र में स्वयं की अथवा किराये की दुकान होना आवश्यक है। दुकान का क्षेत्रफल न्यूनतम 70 वर्ग फुट होना चाहिए तथा बिजली और सड़क संपर्क की समुचित व्यवस्था अनिवार्य है।
जिलाधिकारी ने कहा कि यह पहल ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों के विस्तार और ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण डेयरी उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह योजना महिला सशक्तिकरण एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित होगी।
