बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे जदयू विधायक शुभानंद मुकेश, लोगों का जाना हाल; राहत शिविरों का लिया जायजा

कहलगांव विधानसभा क्षेत्र के जदयू विधायक शुभानंद मुकेश ने गोराडीह प्रखंड के कई बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर लोगों का हाल जाना। उन्होंने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याएं समझीं और राहत शिविरों व सामुदायिक रसोई में भोजन, दवा एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने संकट की इस घड़ी में क्षेत्रवासियों के साथ खड़े रहने और राहत-बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं आने देने की बात कही।
भागलपुर | BLive डेस्क
कहलगांव विधानसभा क्षेत्र के जदयू विधायक शुभानंद मुकेश ने गुरुवार को बाढ़ प्रभावित विभिन्न इलाकों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं जानीं और बाढ़ की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया।
शुभानंद मुकेश ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर दौरे की तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि उन्होंने गोराडीह प्रखंड के जीछो, जमसी, गोवर्धनपुर, मोहनपुर, नदियामा, जोगिया एवं आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।
प्रभावित परिवारों से की मुलाकात
दौरे के दौरान विधायक ने बाढ़ प्रभावित परिवारों से सीधे बातचीत की और उनकी समस्याओं को समझा। उन्होंने लोगों से राहत सामग्री, भोजन, दवा और अन्य जरूरी सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली।
इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति की भी जानकारी ली और प्रभावित लोगों तक आवश्यक सहायता पहुंचाने पर जोर दिया।
राहत शिविर और सामुदायिक रसोई का लिया जायजा
शुभानंद मुकेश ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संचालित राहत शिविरों और सामुदायिक रसोई का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से शिविरों में उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, दवाओं की उपलब्धता और राहत सामग्री की व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित परिवारों तक आवश्यक राहत सामग्री और सुविधाएं समय पर पहुंचाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
संकट की घड़ी में जनता के साथ रहने की बात
अपने सोशल मीडिया पोस्ट में शुभानंद मुकेश ने कहा कि बाढ़ की इस विकट परिस्थिति में वे हर कदम पर अपने क्षेत्रवासियों के साथ खड़े हैं। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं आने देने की बात कही।
उन्होंने कहा कि “जनसेवा ही संकल्प है, जनता का साथ ही प्राथमिकता।”
दौरे के दौरान स्थानीय लोगों की समस्याओं को सुनने के साथ-साथ राहत व्यवस्थाओं की स्थिति को समझने और आवश्यक कदमों के लिए संबंधित अधिकारियों से समन्वय करने पर भी जोर दिया गया।
