बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की नई पहल, भागलपुर में शुरू हुआ ‘बोट एम्बुलेंस’

भागलपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर पहुंच देने के लिए बोट एम्बुलेंस का संचालन शुरू किया गया है। सड़क संपर्क बाधित इलाकों में यह सुविधा गर्भवती महिलाओं, गंभीर मरीजों, बुजुर्गों, बच्चों और अन्य जरूरतमंदों को समय पर स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने में मदद करेगी। जरूरत पड़ने पर प्राथमिक उपचार के बाद मरीजों को उच्चतर स्वास्थ्य संस्थान में रेफर किया जाएगा।
भागलपुर | BLive डेस्क:
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आमजन तक समय पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग, भागलपुर की ओर से ‘बोट एम्बुलेंस’ का संचालन शुरू किया गया है। सड़क मार्ग से संपर्क बाधित रहने वाले इलाकों में यह बोट एम्बुलेंस मरीजों के लिए जीवनरक्षक परिवहन सुविधा के रूप में काम करेगी।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं, गंभीर रूप से बीमार मरीजों, बुजुर्गों, बच्चों और अन्य जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित एवं समयबद्ध तरीके से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।
जरूरत पड़ने पर मरीजों को प्राथमिक उपचार और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराते हुए उच्चतर स्वास्थ्य संस्थान में रेफर किया जाएगा।
ग्रामीण और दियारा क्षेत्रों को मिलेगी राहत
बाढ़ के कारण सड़क संपर्क प्रभावित होने वाले ग्रामीण एवं दियारा क्षेत्रों के लोगों को बोट एम्बुलेंस की सुविधा से विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। स्वास्थ्य विभाग की टीम बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कर रही है।
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं, गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित संस्थागत प्रसव, समयबद्ध रेफरल और जरूरी दवाओं की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में किसी व्यक्ति को गंभीर स्वास्थ्य समस्या होने या गर्भवती महिला को प्रसव संबंधी आवश्यकता होने पर तत्काल स्थानीय स्वास्थ्यकर्मी, आशा कार्यकर्ता या संबंधित स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें, ताकि बोट एम्बुलेंस के माध्यम से समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
स्वास्थ्य विभाग का संदेश:
“हर प्रभावित व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवा, हर जरूरतमंद तक समय पर उपचार।”
