अंगभूमि भागलपुर में धूमधाम से मनाया जा रहा ‘विशुआ पर्व’, परंपरा और आस्था का अनोखा संगम
भागलपुर में विशुआ पर्व पर नए मिट्टी के घड़े में जल, कच्चा आम और आम की डाली रखकर विशेष पूजा की जाती है, जो समृद्धि और प्रकृति संतुलन का प्रतीक है।
Bhagalpur | BLive Desk
आज पूरे देश में हिंदुओं का प्रसिद्ध पर्व विशुआ (विशु/विशुवा) हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। विशेष रूप से अंगभूमि भागलपुर में इस पर्व की अलग ही परंपरा और महत्व देखने को मिल रहा है।
भागलपुर क्षेत्र में इस दिन लोग नए मिट्टी के घड़े (मटका) का उपयोग शुरू करते हैं। इस घड़े में जल भरकर कच्चा आम और आम की डाली डालने की परंपरा है, जिसके साथ विशेष विधि से पूजा-अर्चना की जाती है।
यह परंपरा प्रकृति, जल और जीवन के संतुलन का प्रतीक मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन इस विधि से पूजा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।
इसके अलावा लोग सुबह स्नान-ध्यान कर भगवान की पूजा, दान-पुण्य और सत्संग करते हैं। कई स्थानों पर धार्मिक आयोजन भी किए जाते हैं।
विशुआ पर्व को नई शुरुआत और नई ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है, जो लोगों को सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ने का संदेश देता है।
आज के दिन भागलपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में भक्ति और उत्साह का विशेष माहौल देखने को मिल रहा है।
