सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का उप विकास आयुक्त ने लिया जायजा, दो अतिरिक्त दवा वितरण केंद्र शुरू करने की जरूरत

सदर अस्पताल भागलपुर में उप विकास आयुक्त ने स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों को मिल रही सुविधाओं का निरीक्षण किया। मरीजों की सुविधा के लिए दो अतिरिक्त दवा वितरण केंद्र शुरू करने की आवश्यकता जताई गई। जुलाई की तुलना में अगस्त 2026 में रेफरल में 72% कमी की जानकारी दी गई।
भागलपुर | BLive डेस्क
रोगी कल्याण समिति के शासी निकाय की बैठक में दिए गए निर्देश के आलोक में गुरुवार को उप विकास आयुक्त-सह-उपाध्यक्ष, रोगी कल्याण समिति के नेतृत्व में सदर अस्पताल, भागलपुर का निरीक्षण किया गया। इस दौरान अस्पताल के विभिन्न भवनों, स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों को मिल रही सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया गया।
निरीक्षण के दौरान पुराने ओपीडी भवन, विक्टोरिया भवन एवं एमसीएच भवन के बाहरी हिस्से में रंग-रोगन, आवश्यक स्थानों पर मरम्मत, एसएनसीयू में फायर एग्जिट निर्माण, पंजीकरण काउंटर तथा एमसीएच भवन के समीप प्याऊ निर्माण और दवा वितरण काउंटर पर रेलिंग लगाने की आवश्यकता का आकलन किया गया। संबंधित कार्यों को अनुमोदित भी किया गया।
समिति के सदस्यों ने आईसीयू, इमरजेंसी, जीविका की रसोई, दवा वितरण काउंटर एवं एसएनसीयू का भी निरीक्षण किया। इस दौरान मरीजों को उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी ली गई।
अस्पताल में भर्ती मरीजों से बातचीत में मरीजों ने बताया कि आवश्यक जांच एवं दवाएं अस्पताल में निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं और बाहर से दवा खरीदने की जरूरत नहीं पड़ रही है।
दवा वितरण के लिए दो अतिरिक्त केंद्रों की जरूरत
वर्तमान में सदर अस्पताल में चार दवा वितरण काउंटर संचालित हैं। मरीजों की भीड़ और काउंटरों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए दो अतिरिक्त दवा वितरण केंद्र शुरू करने की आवश्यकता जताई गई, ताकि मरीजों को दवा लेने में सुविधा हो और प्रतीक्षा समय कम किया जा सके।
सदर अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजू ने बताया कि जुलाई 2026 की तुलना में अगस्त 2026 में सदर अस्पताल से मरीजों के रेफरल की संख्या में 72 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इसे अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं एवं उपचार सुविधाओं में सुधार का एक महत्वपूर्ण संकेतक बताया गया।
निरीक्षण के दौरान मरीजों की सुविधा, भवनों के रख-रखाव, साफ-सफाई, सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर भी चर्चा की गई।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन डॉ. राजू, रोहित पासवान, संजीव कुमार, प्रदीप कुमार सिंह, वंदना तिवारी, नितेश कुमार सिंह, मुकेश राणा, डॉ. गौतम कुमार सहित जिला कार्यक्रम प्रबंधक, अस्पताल प्रबंधक एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी और कर्मी मौजूद रहे।
