दुर्गा पूजा को लेकर प्रशासन अलर्ट, आयुक्त ने दिए सुरक्षा और विधि-व्यवस्था के सख्त निर्देश

दुर्गा पूजा-2026 के शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित आयोजन को लेकर प्रमंडलीय आयुक्त प्रेम सिंह मीणा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। पूजा पंडालों के भौतिक सत्यापन, CCTV निगरानी, भीड़ एवं यातायात प्रबंधन, जुलूस मार्ग की जांच और विसर्जन घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए घाटों पर गोताखोर, SDRF/NDRF और बचाव दल की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
भागलपुर | B Live डेस्क
दुर्गा पूजा-2026 के दौरान विधि-व्यवस्था, सुरक्षा और शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर प्रमंडलीय आयुक्त, मुंगेर-सह-भागलपुर प्रमंडल, प्रेम सिंह मीणा की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों प्रमंडलों के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक समेत वरीय पुलिस पदाधिकारी शामिल हुए।
बैठक में पूजा पंडालों की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, जुलूस मार्ग, विसर्जन घाट और संवेदनशील स्थलों को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
आयुक्त ने सभी पूजा पंडालों का भौतिक सत्यापन कराने तथा पंडालों का निर्माण इस प्रकार कराने का निर्देश दिया कि आवागमन बाधित न हो। पंडालों के आसपास बिजली के लटके एवं ढीले तारों को दुरुस्त कराने और अग्निशमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
सभी प्रमुख पूजा पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और लगातार निगरानी की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया। महिलाओं एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग प्रवेश एवं निकास की व्यवस्था रखने तथा पूजा समितियों और स्वयंसेवकों को पहचान-पत्र रखने के निर्देश भी दिए गए।
जुलूस और भीड़ प्रबंधन पर विशेष जोर
प्रशासन ने जुलूस मार्ग का भौतिक सत्यापन कराने, मार्ग में किसी भी प्रकार की बाधा होने पर समय रहते उसे दूर करने तथा जुलूस एवं लाउडस्पीकर के लिए सक्षम प्राधिकारी से अनुमति सुनिश्चित करने को कहा।
विजयादशमी और रावण वध कार्यक्रम स्थलों का पूर्व निरीक्षण कर संभावित भीड़ का आकलन करने तथा पर्याप्त संख्या में प्रवेश एवं निकास द्वार रखने के निर्देश दिए गए। रेलवे लाइन और रेलवे क्रॉसिंग के आसपास आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया।
विसर्जन घाटों पर विशेष सुरक्षा
दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर पहले से घाटों का चयन, साफ-सफाई और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए घाटों पर गोताखोर, एसडीआरएफ/एनडीआरएफ और बचाव दल की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
विसर्जन के दौरान डूबने की घटनाओं को रोकने के लिए नदी एवं तालाब के घाटों पर सुरक्षित जलस्तर तक रस्सी का घेरा बनाने और निर्धारित सुरक्षित क्षेत्र से आगे नहीं जाने देने की व्यवस्था करने को कहा गया।
साइबर सुरक्षा और सोशल मीडिया पर निगरानी
प्रशासन ने पूजा एवं मेला अवधि में सोशल मीडिया पर साइबर पेट्रोलिंग बढ़ाने तथा आपत्तिजनक या भ्रामक सामग्री के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों जैसे मॉल, रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, टैक्सी स्टैंड, अस्पताल, हवाई अड्डा, मंदिर एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर आवश्यकता के अनुसार चेकपोस्ट स्थापित कर औचक जांच करने को कहा गया।
साथ ही होटल, लॉज, धर्मशाला और अन्य ठहरने के स्थानों में किरायेदारों की जानकारी रखने तथा संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए।
