भागलपुर में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम, बाल विवाह उन्मूलन और महिला सशक्तीकरण का संदेश
भागलपुर के राजकीय बालिका इंटर विद्यालय में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर बाल विवाह उन्मूलन और महिला सशक्तीकरण को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। छात्राओं ने शपथ ग्रहण, पेंटिंग, निबंध लेखन, वाद-विवाद और साइकिल रैली के माध्यम से बालिका शिक्षा तथा अधिकारों का संदेश दिया। कार्यक्रम में महिला हेल्पलाइन 181, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और आपातकालीन सेवा 112 की जानकारी भी दी गई।
भागलपुर | B Live डेस्क
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर 10 अक्टूबर 2026 को भागलपुर के राजकीय बालिका इंटर विद्यालय में बाल विवाह उन्मूलन, बालिका शिक्षा और महिला सशक्तीकरण को लेकर जागरूकता एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास निगम, भागलपुर की ओर से ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत आयोजित कार्यक्रम की थीम “End Child Marriage and Invest in Girls’ Rights” रही।
कार्यक्रम की शुरुआत छात्राओं, शिक्षक-शिक्षिकाओं और पदाधिकारियों द्वारा बाल विवाह के विरुद्ध सामूहिक शपथ ग्रहण से हुई। सभी ने बाल विवाह रोकने, बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने और उनके अधिकारों व सम्मान की रक्षा का संकल्प लिया।
विद्यालय परिसर में पेंटिंग, निबंध लेखन और वाद-विवाद प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। पेंटिंग के जरिए छात्राओं ने बाल विवाह मुक्त समाज और बालिका सशक्तीकरण के संदेश प्रस्तुत किए। निबंध प्रतियोगिता में बाल विवाह के दुष्परिणामों, शिक्षा और अधिकारों पर विचार रखे गए। वाद-विवाद में बाल विवाह रोकने में परिवार, विद्यालय और समाज की भूमिका पर चर्चा हुई। अंत में साइकिल रैली निकालकर बाल विवाह उन्मूलन, बालिका शिक्षा और महिला सशक्तीकरण का संदेश दिया गया।
महिला एवं बाल विकास निगम, भागलपुर के जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) श्री मणिशंकर और जिला मिशन समन्वयक (DMC) श्री तवरेज खान ने छात्राओं को विवाह की निर्धारित कानूनी आयु, बाल विवाह के सामाजिक व स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों तथा शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान के अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को शिक्षा जारी रखने, आत्मनिर्भर बनने और अपने सपने पूरे करने के लिए प्रेरित किया।
जेंडर स्पेशलिस्ट श्री विवेक कुमार ने कहा कि बाल विवाह रोकना प्रशासन, अभिभावकों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया।
वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ श्री अभिषेक सुमन ने बचत, बैंकिंग सेवाओं, कौशल विकास और आर्थिक आत्मनिर्भरता का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि बाल विवाह रोकने से बालिकाओं की शिक्षा, रोजगार और आर्थिक स्वतंत्रता के अवसर सुरक्षित होते हैं।
छात्राओं को महिला हेल्पलाइन 181, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और आपातकालीन सेवा 112 की जानकारी दी गई। हिंसा, उत्पीड़न या बाल विवाह की आशंका पर इन सेवाओं से सहायता लेने के लिए जागरूक किया गया।
स्रोत: जिला जनसंपर्क कार्यालय, भागलपुर।
