बिहार विधान परिषद चुनाव की तैयारियों की डीएम ने की समीक्षा, सभी कोषांगों को समय पर कार्य पूरा करने का निर्देश

भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने बिहार विधान परिषद निर्वाचन की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक में कर्मियों के प्रशिक्षण, मतदान सामग्री के परिवहन, फोल्ड मतपेटिकाओं की व्यवस्था और विधि-व्यवस्था की समीक्षा की गई। निर्वाचन कर्मियों का प्रशिक्षण 13 और 14 अक्टूबर तथा माइक्रो प्रेक्षकों का प्रशिक्षण 16 अक्टूबर को पूर्णिया में निर्धारित है। डीएम ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ समय-सीमा में तैयारियां पूरी करने और निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
भागलपुर | B Live डेस्क
बिहार विधान परिषद निर्वाचन की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय की अध्यक्षता में 12 अक्टूबर 2026 को कोषांग समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्वाचन कार्यों की प्रगति, आवश्यक सामग्रियों की उपलब्धता, कर्मियों के प्रशिक्षण और विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया।
बैठक में कार्मिक कोषांग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि द्वितीय नियुक्ति पत्र तैयार कर लिया गया है। निर्वाचन कार्य में प्रतिनियुक्त कर्मियों का प्रशिक्षण 13 एवं 14 अक्टूबर को निर्धारित है। वहीं, माइक्रो प्रेक्षकों का प्रशिक्षण 16 अक्टूबर को पूर्णिया में आयोजित किया जाएगा।
मतदान सामग्री एवं फोल्ड मतपेटिकाओं को निर्धारित स्थानों तक भेजने की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। इसके लिए आवश्यक प्रपत्र तैयार करने और मतपेटिकाओं के परिवहन हेतु बसों का रूट चार्ट बनाने का निर्देश सहायक जिला परिवहन पदाधिकारी को दिया गया, ताकि सामग्री का सुरक्षित और समयबद्ध परिवहन सुनिश्चित किया जा सके।
विधि-व्यवस्था और निर्वाचन निगरानी की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को नियमित रिपोर्ट उपलब्ध कराने तथा उड़नदस्ता दल (FST) को सक्रियता बढ़ाने का निर्देश दिया। अवैध एवं संदिग्ध वस्तुओं के परिवहन और अन्य अनियमित गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने तथा नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने सभी संबंधित कोषांगों को आपसी समन्वय के साथ काम करने, लंबित कार्यों का शीघ्र निष्पादन करने और निर्वाचन प्रक्रिया का सुचारु, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
