भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में स्टार्टअप-बैंक कनेक्ट कार्यक्रम, युवाओं को ऋण और सरकारी योजनाओं की मिली जानकारी

भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में 29 अक्टूबर को आयोजित स्टार्टअप-बैंक कनेक्ट कार्यक्रम में युवाओं को सरकारी योजनाओं, बैंक ऋण, वित्तीय सहायता और स्टार्टअप बिहार नीति की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बैंकिंग अधिकारियों और विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया, जबकि भागलपुर की एक कंपनी ने अपनी अनूठी क्रिकेट पिच बदलने की तकनीक प्रस्तुत की। इसमें कई शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों और विद्यार्थियों ने भाग लिया।
भागलपुर | B Live डेस्क
भागलपुर में युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करने और उनके व्यावसायिक विचारों को स्टार्टअप के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में ‘स्टार्टअप-बैंक कनेक्ट’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 29 अक्टूबर 2026 को संस्थान के स्टार्टअप सेल की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का विषय “Startup-Bank Connect: Enabling Access to Finance Startup” था।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा उद्यमियों, स्टार्टअप संस्थापकों और विद्यार्थियों को सरकारी योजनाओं, बैंक ऋण, वित्तीय सहायता, क्रेडिट गारंटी योजना और स्टार्टअप बिहार नीति की जानकारी देना था। कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) विमलेश कुमार के मार्गदर्शन में किया गया।
इस अवसर पर जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक राकेश कुमार ने स्टार्टअप के लिए उपलब्ध सरकारी योजनाओं और जिला स्तर पर मिलने वाली सहायता की जानकारी दी। अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM) शैलेश गुप्ता तथा नाबार्ड की डीडीएम अर्चना प्रिया ने बैंकिंग सहयोग, ऋण प्रक्रिया, कृषि आधारित स्टार्टअप और ग्रामीण उद्यमों की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
बैंक ऑफ इंडिया के वरिष्ठ प्रबंधक प्रदीप सिंह, डीबीसीओ के चीफ मैनेजर सुबोध पंजीयार तथा पंजाब नेशनल बैंक के डीबीसीओ सुनील प्रकाश शर्मा सहित विभिन्न बैंकिंग संस्थानों के अधिकारियों ने स्टार्टअप के लिए उपलब्ध ऋण सुविधाओं और Credit Guarantee Scheme for Startups (CGSS) की जानकारी साझा की। विशेषज्ञों ने युवाओं को ऋण की पात्रता, जरूरी दस्तावेजों और आवेदन प्रक्रिया के बारे में भी समझाया।
क्रिकेट पिच बदलने की तकनीक बनी आकर्षण
कार्यक्रम में भागलपुर की कंपनी Square-Cut Research and Innovation Private Limited के संस्थापक राकेश प्रियदर्शी ने अपनी तकनीक In-situ Cricket Pitch Changer Technology का प्रदर्शन किया। इस तकनीक का उद्देश्य क्रिकेट मैदान में पिच को बदले बिना उसकी प्रकृति में बदलाव करने की यांत्रिक व्यवस्था विकसित करना है।
उन्होंने बताया कि इस तकनीक को भारतीय पेटेंट संख्या 419285 प्राप्त है और दक्षिण अफ्रीका में भी पेटेंट मिला है। बिहार सरकार की स्टार्टअप नीति के तहत प्रथम चरण में चार लाख रुपये की सीड फंडिंग मिलने के बाद कंपनी ने प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट तैयार किया है और प्रोटोटाइप विकसित करने का काम जारी है। फिलहाल यह स्टार्टअप BIT पटना में इनक्यूबेटेड है।
