भागलपुर में चार श्रम संहिताओं पर जागरूकता-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम, श्रमिकों और नियोजकों को दी गई जानकारी

भागलपुर के होटल अशोका ग्रैंड में 31 अक्टूबर को चार नई श्रम संहिताओं पर जागरूकता-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें वेतन, ओवरटाइम, PF, ESIC, सामाजिक सुरक्षा और कार्यस्थल सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान मृत प्रवासी श्रमिकों के आश्रितों को दुर्घटना अनुदान योजना के तहत चार-चार लाख रुपये के चेक भी प्रदान किए गए।
भागलपुर | B Live डेस्क
भागलपुर में नई श्रम संहिताओं और उनसे जुड़े प्रावधानों की जानकारी देने के लिए शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को जागरूकता-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग, बिहार सरकार के अंतर्गत उप श्रमायुक्त कार्यालय, भागलपुर की ओर से होटल अशोका ग्रैंड में आयोजित इस कार्यक्रम में नियोजकों, कामगारों और विभिन्न हितधारकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य देश में 21 नवंबर 2025 से लागू चार श्रम संहिताओं तथा बिहार सरकार की ओर से अधिसूचित नियमावलियों की सरल और व्यावहारिक जानकारी देना था। कार्यक्रम का उद्घाटन अपर समाहर्ता राकेश रंजन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। आयोजन उप श्रमायुक्त विनोद प्रसाद एवं श्रम अधीक्षक-सह-सहायक श्रमायुक्त निखिल कुमार रंजन के समन्वय से किया गया।
उद्घाटन सत्र में अपर समाहर्ता ने नए श्रम कानूनों की सरलता और उनकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। इस दौरान मृत प्रवासी श्रमिकों के आश्रितों को बिहार राज्य प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना के तहत चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह अनुदान राशि के चेक भी प्रदान किए गए।
29 पुराने श्रम कानूनों की जगह चार नई श्रम संहिताएं
प्रशिक्षण सत्र में बताया गया कि 29 पुराने केंद्रीय श्रम कानूनों को समेकित कर चार श्रम संहिताएं बनाई गई हैं—
- वेतन संहिता, 2019
- औद्योगिक संबंध संहिता, 2020
- सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020
- व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशाएं संहिता, 2020 (OSH)
कार्यक्रम में बताया गया कि बिहार सरकार ने 30 जून एवं 1 जुलाई 2026 को इनसे संबंधित राज्य नियमावलियां अधिसूचित की हैं।
वेतन, सामाजिक सुरक्षा और कामकाज के नियमों पर चर्चा
प्रशिक्षण के दौरान न्यूनतम वेतन, बिहार की अधिसूचित दरें, परिवर्तनशील महंगाई भत्ता (VDA), मजदूरी की नई परिभाषा और 50 प्रतिशत नियम पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही कार्य के घंटे, ओवरटाइम, वेतन कटौती, समय पर भुगतान और मजदूरी संबंधी दावों की प्रक्रिया समझाई गई।
नियत अवधि रोजगार (Fixed Term Employment), शिकायत निवारण समिति, स्थायी आदेश, छंटनी और हड़ताल से जुड़े प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। सामाजिक सुरक्षा के तहत PF, ESIC, उपदान, मातृत्व लाभ तथा गिग एवं प्लेटफॉर्म कामगारों और भवन निर्माण श्रमिकों से संबंधित प्रावधानों पर भी चर्चा हुई।
OSH संहिता के अंतर्गत ऑनलाइन पंजीकरण, नियुक्ति पत्र, वार्षिक स्वास्थ्य जांच, महिलाओं की रात्रि पाली और दुर्घटना की सूचना से जुड़े प्रावधानों को समझाया गया। इसके अलावा जोखिम आधारित निरीक्षण व्यवस्था, नियुक्त प्राधिकारी और वार्षिक अनुपालन कैलेंडर की जानकारी दी गई।
