झारखंड माध्यमिक आचार्य परीक्षा: री-एग्जाम के लिए कैंडिडेट्स को ईमेल आना शुरू

झारखंड माध्यमिक आचार्य परीक्षा के 5C Error वाले अभ्यर्थियों को री-एग्जाम के लिए ईमेल आना शुरू हो गया है। 📅 परीक्षा 8 मई 2026 को रांची के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित होगी, करीब 1,800 उम्मीदवार शामिल होंगे। 🎫 एडमिट कार्ड 6 मई से डाउनलोड होगा, अभ्यर्थियों को ईमेल चेक करने की सलाह दी गई है।
रांची | BLive Desk
झारखंड माध्यमिक आचार्य भर्ती परीक्षा (JTMAcce-2025) से जुड़े अभ्यर्थियों के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। 5C Error से प्रभावित उम्मीदवारों को अब री-एग्जाम के लिए ईमेल के माध्यम से आधिकारिक सूचना भेजी जा रही है।
आयोग द्वारा पहले ही पुनर्परीक्षा (Re-Exam) की घोषणा की जा चुकी थी, लेकिन अब ईमेल के जरिए फाइनल इंटिमेशन दिया जा रहा है, जिससे परीक्षा प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है।
📧 ईमेल में क्या जानकारी दी गई है?
कैंडिडेट्स को भेजे जा रहे ईमेल में निम्न महत्वपूर्ण जानकारियां दी जा रही हैं:
- 📅 री-एग्जाम की तारीख: 08 मई 2026
- 📍 स्थान: रांची जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्र
- 🎫 एडमिट कार्ड डाउनलोड: 06 मई 2026 से
- 🌐 आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित अपडेट देखने की सलाह
📊 कितने अभ्यर्थी होंगे शामिल?
- इस री-एग्जाम में लगभग 1,800 अभ्यर्थियों को शामिल किया जाएगा
- ये वही उम्मीदवार हैं जिनके सिस्टम में परीक्षा के दौरान 5C Error (तकनीकी गड़बड़ी) दर्ज हुई थी
- तकनीकी समस्या के कारण उनकी परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित हुई थी
⚠️ क्या है 5C Error का मामला?
परीक्षा के दौरान कई अभ्यर्थियों ने सिस्टम में टेक्निकल एंबिग्युटी (5C Error) की शिकायत की थी।
आयोग के अनुसार:
- कुछ सिस्टम में असामान्य गतिविधियों के संकेत मिले
- इसके आधार पर प्रभावित अभ्यर्थियों की पहचान की गई
- निष्पक्षता बनाए रखने के लिए री-एग्जाम कराने का निर्णय लिया गया
⚖️ हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला
यह मामला केवल तकनीकी गड़बड़ी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि झारखंड हाईकोर्ट तक पहुंच गया।
अदालत ने सुनवाई के दौरान कई गंभीर सवाल उठाए:
- 👉 अगर हैकिंग या गड़बड़ी की आशंका थी, तो FIR क्यों दर्ज नहीं की गई?
- 👉 बिना दोषियों की पहचान किए सभी को री-एग्जाम में शामिल करना न्यायसंगत है या नहीं?
कोर्ट ने यह भी कहा कि बिना स्पष्ट जांच के सभी अभ्यर्थियों को एक साथ दोषी मानना उचित नहीं है।
🧑🎓 अभ्यर्थियों की आपत्तियां
याचिकाकर्ताओं और छात्रों ने कई मुद्दे उठाए हैं:
- ❌ बिना ठोस प्रमाण के री-एग्जाम का फैसला
- ❌ परीक्षा केंद्रों की जिम्मेदारी तय नहीं की गई
