विक्रमशिला पुल हादसे के बाद बड़ा फैसला: नाव संचालन पर सख्त निर्देश

विक्रमशिला पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद भागलपुर प्रशासन ने नाव संचालन पर सख्त नियम लागू किए हैं। अब बिना अनुमति कोई नाव नहीं चलेगी और सभी नावें तय SOP के अनुसार ही संचालित होंगी। नावों पर क्षमता, चालक की जानकारी और सुरक्षा इंतजाम अनिवार्य किए गए हैं। घाटों पर रेस्क्यू टीम, लाइफ जैकेट और मेडिकल सुविधा की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
🟥 Bhagalpur | BLive Desk
भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद जिला प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। जिलाधिकारी, भागलपुर द्वारा जारी आदेश में गंगा नदी में नाव संचालन के लिए सख्त दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार का नाव संचालन नहीं किया जाएगा और सभी नावें आपदा प्रबंधन विभाग के तय मानकों (SOP) के अनुसार ही संचालित होंगी।
नावों पर अब अनिवार्य रूप से निम्न जानकारी प्रदर्शित करनी होगी:
- नाव का पंजीकरण संख्या
- नाव चालक का नाम एवं मोबाइल नंबर
- नाव की अधिकतम क्षमता
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह भी निर्देश दिए गए हैं कि नाव में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को नहीं बैठाया जाएगा। प्रत्येक घाट पर पर्याप्त लाइफ जैकेट और रेस्क्यू टीम की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
इसके साथ ही, यात्रियों की सुविधा के लिए घाटों पर मेडिकल कैंप लगाने का भी निर्देश दिया गया है।
प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और किसी भी लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।
विक्रमशिला पुल पर आवागमन प्रभावित होने के कारण वैकल्पिक मार्गों पर ट्रैफिक संचालन को भी सुचारू रखने के निर्देश दिए गए हैं।
⚠️ प्रशासन की अपील
जिलाधिकारी ने आम जनता से अपील की है कि वे केवल अधिकृत नावों का ही उपयोग करें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।
🔴 निष्कर्ष
पुल हादसे के बाद प्रशासन अलर्ट मोड में है और नदी मार्ग से यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
