क्षतिग्रस्त विक्रमशिला सेतु का मुख्यमंत्री ने किया हवाई सर्वेक्षण, जल्द मरम्मत के दिए निर्देश

विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद मुख्यमंत्री ने हवाई सर्वे कर हालात का जायजा लिया। मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं और फिलहाल नाव सेवा के जरिए लोगों की आवाजाही जारी है। घाटों पर सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
Bhagalpur | BLive Desk
भागलपुर को सीमांचल और पूर्वोत्तर भारत से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण विक्रमशिला सेतु 3 मई की देर रात क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। इस घटना के बाद राज्य सरकार अलर्ट मोड में है।
5 मई 2026 को बिहार के माननीय मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्य प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाए ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी कार्य सुरक्षा मानकों और तकनीकी विशेषज्ञों की निगरानी में ही किए जाएं। इसके साथ ही वैकल्पिक यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
फिलहाल लोगों की आवाजाही के लिए नाव/जेटी सेवा शुरू की गई है। बरारी घाट, बाबूपुर घाट से महादेवपुर घाट होते हुए नवगछिया तक लोगों को नाव के जरिए पहुंचाया जा रहा है।
- सरकारी नाव सेवा: निःशुल्क
- निजी नाव: ₹50 प्रति व्यक्ति
- बाइक: ₹50
- 12 वर्ष से कम बच्चों के लिए: ₹25
घाटों पर यात्रियों की सुविधा के लिए प्रकाश, पेयजल, चिकित्सा, सुरक्षा, एम्बुलेंस, शौचालय और राहत शिविर की व्यवस्था की गई है। साथ ही दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती भी की गई है ताकि व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
हवाई सर्वेक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने इन व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि यात्रियों को क्षमता के अनुसार ही नाव/जेटी पर भेजा जाए।
इस मौके पर बरारी घाट पर जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव, उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, नगर आयुक्त सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
