विक्रमशिला सेतु पर बनेगा “बैली ब्रिज”? जानिए क्या होता है यह अस्थायी पुल और कैसे करता है काम

विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से पर अस्थायी रूप से बैली ब्रिज बनाए जाने की चर्चा है, जिसे BRO द्वारा तैयार किया जा सकता है। बैली ब्रिज एक अस्थायी स्टील पुल होता है, जिसे कम समय में तैयार कर यातायात शुरू किया जा सकता है। इससे भागलपुर और उत्तर बिहार के बीच आवागमन, व्यापार और आपात सेवाओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
Bhagalpur | BLive Desk
भागलपुर के विक्रमशिला सेतु में क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आ रही है। सूत्रों के अनुसार, टूटे हुए स्पैन पर अस्थायी व्यवस्था के तहत “बैली ब्रिज (Bailey Bridge)” बनाया जा सकता है। बताया जा रहा है कि इस कार्य में Border Roads Organisation (BRO) की मदद ली जा सकती है। हालांकि अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
🔍 क्या होता है बैली ब्रिज?
बैली ब्रिज एक प्रकार का पोर्टेबल और अस्थायी स्टील पुल होता है, जिसे कम समय में तैयार किया जा सकता है। इसका इस्तेमाल आमतौर पर युद्ध, प्राकृतिक आपदा, सड़क या पुल टूटने जैसी आपात स्थितियों में किया जाता है।
इस पुल को सबसे पहले द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश इंजीनियर Sir Donald Bailey ने डिजाइन किया था। यही वजह है कि इसे “Bailey Bridge” कहा जाता है।
⚙️ कैसे काम करता है बैली ब्रिज?
बैली ब्रिज स्टील के तैयार पैनलों और गार्डरों को जोड़कर बनाया जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे भारी मशीनरी के बिना भी तेजी से स्थापित किया जा सकता है।
- पहले स्टील फ्रेम तैयार किए जाते हैं
- फिर उन्हें एक-दूसरे से जोड़कर लंबा ढांचा बनाया जाता है
- रोलर सिस्टम की मदद से पुल को आगे बढ़ाया जाता है
- अंत में सड़क की सतह बनाकर यातायात चालू किया जाता है
यह पुल अस्थायी होता है, लेकिन मजबूत डिजाइन के कारण इस पर छोटे और मध्यम वाहन आसानी से चल सकते हैं।
🚧 विक्रमशिला सेतु पर इसका क्या असर होगा?
यदि विक्रमशिला सेतु पर बैली ब्रिज बनाया जाता है, तो इससे भागलपुर और उत्तर बिहार के बीच यातायात को बड़ी राहत मिल सकती है।
✅ संभावित फायदे:
- बंद पड़े मार्ग पर जल्दी यातायात शुरू हो सकेगा
- वैकल्पिक जलमार्ग और लंबा रोड डायवर्जन कम होगा
- व्यापार, एंबुलेंस और दैनिक आवागमन में सुविधा मिलेगी
- भारी जाम और यात्रा समय में कमी आ सकती है
⚠️ चुनौतियां भी रहेंगी:
- बैली ब्रिज पर भारी वाहनों की आवाजाही सीमित हो सकती है
- यह स्थायी समाधान नहीं होगा
- लगातार निगरानी और रखरखाव जरूरी होगा
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह योजना लागू होती है तो विक्रमशिला सेतु की स्थायी मरम्मत पूरी होने तक लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।
