झारखंड माध्यमिक आचार्य री-एग्जाम संपन्न, अभ्यर्थियों ने उठाए कठिन प्रश्न और नॉर्मलाइजेशन के मुद्दे

झारखंड माध्यमिक आचार्य भर्ती का री-एग्जाम रांची में संपन्न हुआ। अभ्यर्थियों ने इस बार प्रश्नों को पिछली परीक्षा की तुलना में अधिक कठिन और कॉन्सेप्चुअल बताया तथा नॉर्मलाइजेशन लागू करने की मांग उठाई।
Ranchi | BLive Desk
झारखंड माध्यमिक आचार्य भर्ती परीक्षा का री-एग्जाम शुक्रवार को रांची स्थित विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। यह परीक्षा उन अभ्यर्थियों के लिए आयोजित की गई थी, जिन्हें पहले आयोजित परीक्षा के दौरान आंसर-की देखने में तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ा था।
जानकारी के अनुसार, लगभग 2800 अभ्यर्थियों को पूर्व परीक्षा में आंसर-की संबंधी त्रुटि का सामना करना पड़ा था, जिसके कारण वे अपनी प्रतिक्रिया सही तरीके से नहीं देख पा रहे थे। बाद में संबंधित अभ्यर्थियों से शपथपत्र (एफिडेविट) लिया गया कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि में शामिल नहीं थे। इसके बाद आयोग ने पूर्व परीक्षा रद्द कर री-एग्जाम कराने का निर्णय लिया था।
री-एग्जाम देकर बाहर निकले कई अभ्यर्थियों ने बताया कि इस बार प्रश्न पहले की तुलना में अधिक कठिन और कॉन्सेप्चुअल आधारित थे। परीक्षार्थियों का कहना है कि पिछले परीक्षा में प्रश्न अपेक्षाकृत आसान थे, जबकि इस बार प्रश्नों का स्तर ज्यादा विश्लेषणात्मक और गहराई वाला था।
अभ्यर्थियों ने यह भी आशंका जताई कि यदि परिणाम जारी करते समय नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया लागू नहीं की गई, तो री-एग्जाम देने वाले उम्मीदवारों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। उनका कहना है कि दोनों परीक्षाओं के कठिनाई स्तर में अंतर होने के कारण समान मूल्यांकन उचित नहीं होगा।
हालांकि परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद अब अभ्यर्थियों की नजर आयोग के अगले फैसले और संभावित नॉर्मलाइजेशन नीति पर टिकी हुई है।
