विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज लेने लगा आकार, सीमांचल-कॉसी की लाइफलाइन जल्द होगी बहाल

भागलपुर में विक्रमशिला सेतु पर BRO द्वारा बनाया जा रहा अस्थायी बेली ब्रिज अब तेजी से आकार लेने लगा है। पुल का हिस्सा टूटने के बाद भागलपुर और सीमांचल-कॉसी क्षेत्र के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया था, जिससे लोगों को नाव-स्टीमर से या मुंगेर होकर सड़क मार्ग से लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा था। अब बेली ब्रिज निर्माण तेजी से होने से लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
भागलपुर | BLive Desk
गंगा नदी पर बने बिहार के सबसे महत्वपूर्ण पुलों में शामिल विक्रमशिला सेतु पर BRO (Border Roads Organisation) द्वारा तैयार किया जा रहा अस्थायी बेली ब्रिज अब तेजी से आकार लेने लगा है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि पुल पर स्टील स्ट्रक्चर चढ़ाया जा चुका है और निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
हाल ही में विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर टूट गया था, जिसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से पूरे मार्ग को बंद कर दिया था। स्थिति ऐसी बन गई थी कि भागलपुर और सीमांचल-कॉसी क्षेत्र के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया था। लोगों को आने-जाने के लिए नाव और स्टीमर का सहारा लेना पड़ रहा था।
हालांकि मुंगेर होते हुए वैकल्पिक सड़क मार्ग उपलब्ध है, लेकिन यह रास्ता काफी लंबा पड़ रहा था। जहां पहले लोगों को लगभग 10 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी, वहीं अब करीब 150 किलोमीटर तक घूमकर सफर करना पड़ रहा था, जिससे यात्रियों, मरीजों, व्यापारियों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
विक्रमशिला सेतु केवल भागलपुर और नवगछिया को जोड़ने वाला पुल नहीं है, बल्कि यह भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सुपौल और सहरसा समेत कई जिलों को जोड़ने वाली मुख्य लाइफलाइन है। पुल बंद होने के बाद व्यापार, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और दैनिक आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो गया था।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए BRO ने युद्धस्तर पर बेली ब्रिज निर्माण कार्य शुरू किया। गंगा नदी के बीच अस्थायी स्टील संरचना तैयार कर टूटे हिस्से को जोड़ा जा रहा है ताकि जल्द से जल्द यातायात बहाल किया जा सके। मौके पर इंजीनियरों और मशीनों की टीम लगातार काम में जुटी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विक्रमशिला सेतु बंद होने से पूर्वी बिहार की रफ्तार थम गई थी। ऐसे में बेली ब्रिज का तेजी से आकार लेना लाखों लोगों के लिए राहत की बड़ी खबर बनकर सामने आया है।
