1 सितंबर से विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से का पुनर्निर्माण, 31 अगस्त के बाद बंद होगा बेली ब्रिज

विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से का पुनर्निर्माण कार्य 1 सितंबर से शुरू होने की तैयारी है। इसके लिए 31 अगस्त के बाद बेली ब्रिज से आवागमन बंद कर दिया जाएगा। बरसात के मौसम में नाव से आवागमन, मरीजों और एंबुलेंस की आवाजाही को लेकर लोगों में चिंता है। स्थानीय लोगों और संगठनों ने बरसात तक बेली ब्रिज चालू रखने की मांग की है।
भागलपुर | BLive डेस्क
भागलपुर और नवगछिया के बीच आवागमन की महत्वपूर्ण कड़ी विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से का पुनर्निर्माण कार्य 1 सितंबर 2026 से शुरू होने की तैयारी है। पुनर्निर्माण कार्य को लेकर वर्तमान में छोटे वाहनों के लिए संचालित बेली ब्रिज को 31 अगस्त के बाद बंद कर दिया जाएगा।
फिलहाल बेली ब्रिज के माध्यम से दो पहिया और छोटे वाहनों का आवागमन सुचारू रूप से हो रहा है। इससे नवगछिया और भागलपुर के बीच रोजाना आने-जाने वाले हजारों लोगों को राहत मिली हुई है। हालांकि भारी वाहनों का परिचालन बेली ब्रिज से नहीं हो पा रहा है।
बेली ब्रिज बंद होने से हजारों लोगों की बढ़ेगी परेशानी
बेली ब्रिज बंद होने के बाद नवगछिया से भागलपुर और भागलपुर से नवगछिया आने-जाने वाले हजारों लोगों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है। इनमें सरकारी कर्मचारी, शिक्षक, नौकरीपेशा लोग, छोटे कारोबारी, मजदूर और रोजाना काम के सिलसिले में यात्रा करने वाले लोग शामिल हैं।
इसके अलावा फल, सब्जी और अन्य आवश्यक वस्तुओं के आवागमन पर भी इसका असर पड़ने की आशंका है। गंगा के दोनों किनारों पर रहने वाले बड़ी संख्या में लोग रोजगार, कारोबार और अन्य जरूरी कार्यों के लिए नियमित रूप से आवागमन करते हैं।
बरसात में नाव से आवागमन बना बड़ी चिंता
बेली ब्रिज बंद होने का समय भी लोगों की चिंता बढ़ा रहा है। सितंबर में बरसात का मौसम रहेगा और गंगा में जलस्तर बढ़ा रहेगा। ऐसे समय में तेज धार, तेज लहर और खराब मौसम के बीच नाव से नियमित आवागमन करना लोगों के लिए जोखिम भरा हो सकता है।
वर्तमान व्यवस्था में नाव से आवागमन भी हर समय संभव नहीं है। शाम के बाद नौका परिचालन बंद रहने की स्थिति में रात के समय आपात स्थिति में लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
मरीजों और एंबुलेंस के आवागमन को लेकर भी चिंता
भागलपुर आसपास के क्षेत्रों के लिए प्रमुख चिकित्सा केंद्र है। नवगछिया और गंगा पार के कई गांवों एवं कस्बों से मरीज इलाज के लिए भागलपुर आते हैं। गंभीर मरीजों को एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाना भी जरूरी होता है।
ऐसे में बेली ब्रिज बंद होने के बाद मरीजों और एंबुलेंस के सुरक्षित एवं त्वरित आवागमन को लेकर लोगों में चिंता है। खासकर रात के समय किसी गंभीर मरीज या अन्य आपात स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने पर परेशानी गंभीर हो सकती है।
बरसात तक बेली ब्रिज चालू रखने की मांग
स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों की ओर से मांग उठ रही है कि बरसात समाप्त होने तक बेली ब्रिज से आवागमन जारी रखा जाए और इसके बाद विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से का पुनर्निर्माण शुरू किया जाए।
