शेयर बाजार में भूचाल: सेंसेक्स 1,677 अंक लुढ़का, निवेशकों के करीब ₹9 लाख करोड़ स्वाहा, जानें 5 बड़ी वजहें

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ईरान के साथ अंतरिम शांति समझौता खत्म होने की घोषणा के बाद बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई। सेंसेक्स 1,677 अंक और निफ्टी 516 अंक टूटा, जिससे निवेशकों के करीब 9 लाख करोड़ रुपये डूब गए। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, रुपये में गिरावट, सभी सेक्टरों में बिकवाली और इंडिया VIX में तेज बढ़त इस गिरावट की प्रमुख वजहें रहीं।
Business न्यूज | BLive डेस्क
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को भारी बिकवाली देखी गई। BSE सेंसेक्स 1,677.12 अंक (2.15%) लुढ़ककर 76,503.60 पर बंद हुआ, वहीं NSE निफ्टी 516.65 अंक (2.12%) टूटकर 23,882.05 पर आ गया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 1,921.69 अंक (2.45%) तक गिर चुका था।
गिरावट की वजह क्या रही
यह भारी गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा कि ईरान के साथ हुआ अंतरिम शांति समझौता खत्म हो चुका है। इस बयान के बाद पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव फिर से बढ़ गया, जिसका सीधा असर वैश्विक बाजारों पर पड़ा।
निवेशकों के डूबे लाखों करोड़ रुपये
इस गिरावट से निवेशकों की करीब ₹8.96 लाख करोड़ की संपत्ति स्वाहा हो गई। BSE का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन पिछले सत्र के ₹480.20 लाख करोड़ से घटकर ₹471.23 लाख करोड़ रह गया।
5 बड़ी वजहें जिन्होंने बाजार को हिलाया
1. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ट्रंप के बयान के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया। ब्रेंट क्रूड करीब 6.16-6.18% बढ़कर 78.73-78.74 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड 6.25 डॉलर बढ़कर 74.84 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
2. रुपये में गिरावट भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 59 पैसे टूटकर 95.55 (अनंतिम) पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में रुपया 94.98-95.61 के दायरे में रहा। HDFC सिक्योरिटीज के रिसर्च एनालिस्ट दिलीप परमार के अनुसार, एशियाई मुद्राओं में रुपये की गिरावट सबसे ज्यादा रही, और आने वाले समय में USD-INR के लिए 95.80 पर प्रतिरोध और 94.95 पर सपोर्ट देखा जा सकता है।
3. सभी सेक्टरों में बिकवाली NSE के सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी FMCG और निफ्टी बैंक (प्राइवेट और PSU बैंक दोनों) सबसे ज्यादा टूटने वाले सेक्टर रहे।
4. मिड और स्मॉल-कैप शेयरों में भी गिरावट व्यापक बाजार पर भी भारी दबाव रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.55% गिरा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 2.24% की गिरावट आई, जो निवेशकों में बढ़ते जोखिम से बचाव के रुझान को दर्शाता है।
5. इंडिया VIX में जोरदार उछाल बाजार के "डर के पैमाने" के रूप में जाना जाने वाला करीब उछलकर के स्तर पर पहुंच गया, जो आगे बढ़ती अनिश्चितता का संकेत है।
