बिहार के 11 शहरों में जमीन रजिस्ट्री और निर्माण पर रोक, 2027 तक लागू रह सकती है पाबंदी

बिहार के 11 शहरों में जमीन की रजिस्ट्री और निर्माण पर रोक लगा दी गई है। यह पाबंदी मास्टर प्लान लागू होने तक, संभवतः 30 जून 2027 तक जारी रह सकती है।
पटना | BLive डेस्क
बिहार सरकार ने राज्य के 11 प्रमुख शहरों (टाउनशिप क्षेत्रों) में जमीन की खरीद-बिक्री और नए भवन निर्माण पर रोक लगाने का बड़ा फैसला लिया है। यह निर्णय कैबिनेट बैठक में लिया गया, जिसका उद्देश्य अनियोजित शहरीकरण पर नियंत्रण और मास्टर प्लान के तहत व्यवस्थित विकास सुनिश्चित करना है।
सरकार के इस फैसले के तहत संबंधित क्षेत्रों में जमीन की रजिस्ट्री, हस्तांतरण और नए निर्माण कार्यों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। यह पाबंदी तब तक लागू रहेगी, जब तक इन क्षेत्रों के लिए मास्टर प्लान आधिकारिक रूप से लागू नहीं हो जाता।
📍 भागलपुर भी शामिल
इस योजना के तहत भागलपुर (विक्रमशिला टाउनशिप) को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा पटना, मुजफ्फरपुर, छपरा, दरभंगा, गया, मुंगेर, पूर्णिया, सहरसा, सीतामढ़ी और सोनपुर जैसे शहरों में भी यह रोक लागू की गई है।
⏳ कब तक लागू रहेगी रोक?
सरकार के अनुसार, यह प्रतिबंध 30 जून 2027 तक लागू रह सकता है, या तब तक जारी रहेगा जब तक संबंधित क्षेत्रों का मास्टर प्लान पूरी तरह लागू नहीं हो जाता।
📊 क्या होंगे प्रभाव?
- जमीन की खरीद-बिक्री (रजिस्ट्री) पर रोक
- नए भवन निर्माण की अनुमति नहीं
- बिना स्वीकृति के किसी भी प्रकार का डेवलपमेंट कार्य प्रतिबंधित
🎯 सरकार का उद्देश्य
इस फैसले का मुख्य उद्देश्य नियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देना, ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करना और अवैध निर्माण पर रोक लगाना है।
