बिहार के सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू, 13 जून तक जारी होगी चयनित अभ्यर्थियों की सूची

बिहार सरकार ने राज्य के सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालयों) में रिक्त शिक्षकों के पदों को भरने के लिए नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश जारी किया है। शिक्षा विभाग के अनुसार आवेदन 1 से 4 जून 2026 तक लिए जाएंगे, जबकि 8 से 12 जून के बीच साक्षात्कार आयोजित होगा। चयनित अभ्यर्थियों की सूची 13 जून 2026 तक प्रकाशित की जाएगी। यह निर्णय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने और रिक्त पदों को शीघ्र भरने के उद्देश्य से लिया गया है।
पटना: बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने राज्य के विभिन्न सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालयों) में रिक्त पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश जारी किया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा सभी जिला पदाधिकारियों को इस संबंध में पत्र भेजा गया है।
जारी निर्देश के अनुसार, 27 मई 2026 को हुई समीक्षा बैठक में पाया गया कि राज्य के अधिकांश सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालयों) में उपलब्ध स्वीकृत पदों के अनुरूप शिक्षकों का चयन अपेक्षित संख्या में नहीं हो सका है। ऐसे में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति का निर्णय लिया गया है।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत स्थापित किए गए हैं, जिनका उद्देश्य छात्रों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया तेज की गई है।
चयन प्रक्रिया का कार्यक्रम
| प्रक्रिया | तिथि |
|---|---|
| आवेदन आमंत्रण/प्राप्ति | 01 से 04 जून 2026 |
| आवेदनों की जांच एवं समीक्षा | 05 से 07 जून 2026 |
| साक्षात्कार का संचालन | 08 से 12 जून 2026 |
| चयनित शिक्षकों की सूची का प्रकाशन | 13 जून 2026 तक |
विभाग ने निर्देश दिया है कि चयन प्रक्रिया निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुरूप पारदर्शी तरीके से पूरी की जाए। इसके लिए संबंधित चयन समितियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
शिक्षा विभाग के इस निर्णय से राज्य के आदर्श विद्यालयों में लंबे समय से रिक्त पड़े शिक्षकों के पद भरने का रास्ता साफ होगा, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी।
