भागलपुर में 17 सितंबर से शुरू होगा ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’, हर पंचायत में चुनी जाएंगी करीब 10 योजनाएं

भागलपुर समेत बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिसंपत्तियों और जनसुविधाओं के विकास के लिए ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ 17 सितंबर 2026 से शुरू होगा। हर ग्राम पंचायत में प्राथमिकता के आधार पर करीब 10 योजनाओं का चयन किया जाएगा। विद्यालय, स्वास्थ्य उपकेंद्र और आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण समेत कई कार्य होंगे। पुरानी परिसंपत्तियों की मरम्मत 30 नवंबर तक और नई आधारभूत संरचनाओं का निर्माण 31 मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
भागलपुर | BLive डेस्क
बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिसंपत्तियों के सुदृढ़ीकरण, अनुरक्षण एवं जनसुविधाओं के विकास के लिए ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ शुरू किया जा रहा है। यह अभियान 17 सितंबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक संचालित किया जाएगा।
हर ग्राम पंचायत में करीब 10 योजनाओं का चयन
अभियान के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्राथमिकता के आधार पर लगभग 10 योजनाओं का चयन किया जाएगा। योजनाओं के चयन में स्वास्थ्य उपकेंद्र, विद्यालय एवं आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण, विकास एवं नवनिर्माण से जुड़े कार्यों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा।
चयनित योजनाओं का अनुमोदन 17 सितंबर 2026 को आयोजित ग्राम सभा की विशेष बैठक में किया जाएगा। इसके बाद योजनाओं की प्रविष्टि Kayakalp-BRLPS-IN पोर्टल पर 24 सितंबर 2026 तक करनी होगी।
पुरानी परिसंपत्तियों की मरम्मत से लेकर नई सुविधाओं का निर्माण
अभियान के तहत पूर्व से मौजूद सार्वजनिक परिसंपत्तियों के विकास, सुदृढ़ीकरण एवं मरम्मत के साथ आवश्यकता के अनुसार नई आधारभूत संरचनाओं एवं परिसंपत्तियों का निर्माण भी किया जाएगा।
पूर्व से मौजूद परिसंपत्तियों से संबंधित कार्य 30 नवंबर 2026 तक तथा नई आधारभूत संरचनाओं एवं परिसंपत्तियों का निर्माण 31 मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
कई विभाग मिलकर करेंगे काम
अभियान के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण, पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण, ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, पंचायती राज तथा नगर विकास एवं आवास विभाग अपने-अपने क्षेत्र से संबंधित कार्य कराएंगे।
इनमें विद्यालय एवं स्वास्थ्य संस्थानों की मरम्मत, साफ-सफाई एवं रखरखाव, आंगनबाड़ी केंद्रों का सुदृढ़ीकरण, ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता अभियान, पेयजल परिसंपत्तियों का अनुरक्षण, सोलर स्ट्रीट लाइट का सुदृढ़ीकरण तथा गली-नाली के पक्कीकरण सहित आवश्यक नई परिसंपत्तियों का निर्माण शामिल है।
