मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव से उछले कच्चे तेल के दाम, वैश्विक बाजार में 2% से अधिक तेजी

मध्य पूर्व में बढ़ते इजरायल-लेबनान तनाव और तेल आपूर्ति को लेकर बढ़ी चिंताओं के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 2% से अधिक की तेजी दर्ज की गई। विशेषज्ञों ने आगे भी बाजार में अस्थिरता की संभावना जताई है।
नई दिल्ली | BLive डेस्क:
मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 2 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। इजरायल द्वारा लेबनान में सैन्य कार्रवाई तेज किए जाने के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
विश्लेषकों के अनुसार, क्षेत्र में संघर्ष के विस्तार की आशंका ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड और अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड दोनों की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई।
ऊर्जा बाजार की चिंता का एक प्रमुख कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य भी है, जो दुनिया के तेल और गैस परिवहन का महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है। इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की बाधा वैश्विक तेल आपूर्ति को प्रभावित कर सकती है, जिससे कीमतों पर अतिरिक्त दबाव बन सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा समय में तेल बाजार भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर अत्यधिक निर्भर है। चीन की आर्थिक गतिविधियों में सुस्ती के संकेत मिलने के बावजूद आपूर्ति संबंधी जोखिमों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्रीय तनाव जल्द कम नहीं होता है, तो आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसका असर वैश्विक महंगाई, परिवहन लागत और पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
