प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना का विस्तार, दिसंबर 2026 तक मिलेंगे 1.10 लाख नए अवसर, बिहार के युवाओं के लिए बड़ा मौका

कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PMIS) के पायलट प्रोजेक्ट को दिसंबर 2026 तक बढ़ा दिया है, जिसके तहत 1.10 लाख नए इंटर्नशिप अवसर मिलेंगे। 18-25 वर्ष के पात्र युवाओं को ₹9,000 मासिक सहायता और ₹6,000 की एकमुश्त सहायता मिलेगी। IIT/IIM/CA/MBBS जैसी योग्यता वाले और ₹12 लाख से अधिक पारिवारिक आय वाले युवा इसके लिए पात्र नहीं होंगे।
नई दिल्ली | BLive डेस्क
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PMIS) के पायलट प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार ने आगे बढ़ा दिया है। कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय (MCA) द्वारा जारी एक ऑफिस मेमोरेंडम के अनुसार यह योजना अब दिसंबर 2026 तक चलेगी, जिसके तहत देशभर के युवाओं को 1.10 लाख नई इंटर्नशिप के अवसर मिलेंगे। बिहार सहित देशभर के शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए यह योजना रोजगार क्षमता बढ़ाने का बड़ा जरिया बन सकती है।
क्या है योजना का मकसद
बजट 2024-25 में घोषित इस योजना का उद्देश्य युवाओं को देश की शीर्ष कंपनियों में व्यावहारिक कार्य अनुभव देना है, ताकि अकादमिक शिक्षा और उद्योग जगत की जरूरतों के बीच का फासला पाटा जा सके। योजना का पहला चरण वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1.25 लाख इंटर्नशिप अवसरों के लक्ष्य के साथ शुरू हुआ था और अब तक दो चरणों (FY 2024-25 और 2025-26) में लागू हो चुका है। कंपनियों की भागीदारी इसमें स्वैच्छिक है।
पात्रता की शर्तें
- आयु: आवेदन की तारीख तक 18 से 25 वर्ष के बीच, भारतीय नागरिक
- शिक्षा: हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, आईटीआई सर्टिफिकेट, पॉलिटेक्निक डिप्लोमा, स्नातक (BA, B.Sc, B.Com, BCA, BBA, B.Pharma, B.E/B.Tech आदि) या स्नातकोत्तर (MA, M.Sc, M.Com, MCA, M.Tech आदि) डिग्रीधारी युवा आवेदन कर सकते हैं
- पूर्णकालिक शिक्षा में शामिल नहीं होना चाहिए (हालांकि ऑनलाइन/डिस्टेंस लर्निंग या स्नातक/स्नातकोत्तर के अंतिम वर्ष के छात्र आवेदन कर सकते हैं)
किन्हें नहीं मिलेगा लाभ
- IIT, IIM, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, IISER, NID, IIIT और IISc से स्नातक/स्नातकोत्तर करने वाले
- CA, CMA, CS, MBBS, BDS, MD, MS, MBA, MPhil, PhD जैसी योग्यता रखने वाले
- केंद्र या राज्य सरकार की किसी स्किल/अप्रेंटिसशिप/इंटर्नशिप योजना के तहत पहले से प्रशिक्षणरत या प्रशिक्षण पूरा कर चुके अभ्यर्थी (NATS/NAPS सहित)
- ऐसे परिवार जिनकी वार्षिक आय ₹12 लाख से अधिक है
- जिन परिवारों में कोई सदस्य स्थायी/नियमित सरकारी कर्मचारी है
इंटर्नशिप की अवधि और काम का तरीका
इंटर्नशिप की अवधि अब 6 या 9 महीने होगी (सेक्टर और कंपनी की जरूरत के हिसाब से), जबकि पुराने पायलट प्रोजेक्ट के मौजूदा इंटर्न की अवधि 12 महीने ही बनी रहेगी। नियम के अनुसार, इंटर्नशिप की कम से कम आधी अवधि वास्तविक कार्यस्थल पर बितानी होगी, सिर्फ क्लासरूम ट्रेनिंग से काम नहीं चलेगा।
