श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों का डीएम ने किया व्यापक निरीक्षण, सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर दिए सख्त निर्देश

श्रावणी मेला-2026 की तैयारियों को लेकर भागलपुर जिलाधिकारी ने वरीय अधिकारियों के साथ मेला क्षेत्र का व्यापक निरीक्षण किया। दांडी बिलारी, एयरपोर्ट क्षेत्र, किशनगंज, तिलकपुर, महाराजा पंडाल और नमामि गंगे घाट पर सुरक्षा, बैरिकेडिंग, यातायात, पार्किंग, पेयजल, साफ-सफाई, चिकित्सा एवं आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। डीएम ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समय-सीमा में तैयारियां पूरी करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
भागलपुर | BLive डेस्क
श्रावणी मेला-2026 के सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर भागलपुर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 23 जुलाई को जिलाधिकारी, भागलपुर ने जिला प्रशासन के वरीय अधिकारियों की टीम के साथ मेला क्षेत्र का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया और श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने दांडी बिलारी, एयरपोर्ट क्षेत्र, किशनगंज, तिलकपुर, महाराजा पंडाल और नमामि गंगे घाट सहित विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों पर चल रही तैयारियों का जायजा लिया।
जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं के आगमन एवं आवागमन मार्ग, पैदल पथ, बैरिकेडिंग, रूट डायवर्जन, भीड़ प्रबंधन, वाहन पार्किंग और आपातकालीन निकासी मार्गों की स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि श्रद्धालुओं के सुगम एवं सुरक्षित आवागमन के लिए सभी रास्तों को पूरी तरह अवरोधमुक्त रखा जाए। आवश्यकता वाले स्थानों पर अतिरिक्त बैरिकेडिंग और दिशा-सूचक संकेतक लगाने के भी निर्देश दिए गए।
दांडी बिलारी एवं एयरपोर्ट क्षेत्र में श्रद्धालुओं की आवाजाही, वाहन पार्किंग, ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती तथा यातायात व्यवस्था को और सुदृढ़ करने का निर्देश दिया गया।
किशनगंज एवं तिलकपुर क्षेत्र में जिलाधिकारी ने विश्राम स्थलों, पेयजल, अस्थायी शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, कचरा निष्पादन और चिकित्सा सुविधाओं का निरीक्षण किया। संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया कि मेला शुरू होने से पहले सभी मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह कार्यशील अवस्था में उपलब्ध रहें और नियमित सफाई एवं सैनिटेशन सुनिश्चित किया जाए।
महाराजा पंडाल में श्रद्धालुओं के ठहराव और बैठने की व्यवस्था के साथ पेयजल, विद्युत आपूर्ति, अग्निशमन उपकरण, आपदा प्रबंधन तथा आपातकालीन निकास मार्गों का भी निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने पर्याप्त रोशनी और अग्नि सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
वहीं नमामि गंगे घाट पर घाटों की साफ-सफाई, प्रकाश एवं सुरक्षा बैरिकेडिंग, गोताखोरों और , जल पुलिस, चेंजिंग रूम, पेयजल और चिकित्सा सहायता केंद्र की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। स्नान के दौरान किसी भी दुर्घटना की आशंका को न्यूनतम करने के लिए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन और घाटों पर लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया गया।
