श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों का डीएम-एसएसपी ने किया निरीक्षण, सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष जोर

श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों को लेकर भागलपुर जिला प्रशासन ने सुलतानगंज मेला क्षेत्र और नमामि गंगे घाट का निरीक्षण किया। डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी और एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता, भीड़ नियंत्रण और मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। प्रशासन ने मेला क्षेत्र में विशेष सुरक्षा व्यवस्था, स्विस कॉटेज, स्वच्छता निगरानी और अतिक्रमण हटाने पर भी जोर दिया।
Bhagalpur | BLive Desk
विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। शनिवार को जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने सुलतानगंज स्थित मेला क्षेत्र, नमामि गंगे घाट तथा विभिन्न प्रमुख स्थलों का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
श्रद्धालुओं की सुविधा प्रशासन की प्राथमिकता
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि श्रावणी मेला में देशभर से लाखों श्रद्धालु सुलतानगंज पहुंचते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं को सुरक्षित और बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने घाटों पर स्वच्छ पेयजल, शौचालय, चेंजिंग रूम, प्रकाश व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण एवं सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अतिक्रमण हटाने और सड़क व्यवस्था पर जोर
डीएम ने स्पष्ट कहा कि घाट तक जाने वाले सभी रास्तों को खुला और व्यवस्थित रखा जाएगा। सड़क किनारे अतिक्रमण या दुकानों का सामान रखने की अनुमति नहीं होगी। सड़क की मार्किंग कराई जाएगी तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
होटल, दुकानों और स्वच्छता व्यवस्था की होगी निगरानी
प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्विस कॉटेज निर्माण, होटल एवं धर्मशालाओं के पंजीकरण और स्वच्छता जांच पर भी जोर दिया है। पूजा सामग्री, कांवर सामग्री एवं खाद्य दुकानों पर दर सूची प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है। होटल संचालकों को खाद्य सामग्री में उपयोग होने वाले ब्रांड की सूची सार्वजनिक करने का निर्देश भी दिया गया।
स्वच्छता व्यवस्था को लेकर डीएम ने कहा कि सभी होटल एवं दुकानों में डस्टबिन रखना अनिवार्य होगा तथा प्रत्येक तीन घंटे पर कचरे का उठाव कराया जाएगा। पेयजल स्रोतों और चापाकलों की नियमित जांच के निर्देश भी संबंधित विभागों को दिए गए हैं।
