भागलपुर में श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों की समीक्षा, मंत्री नीतीश मिश्रा ने दिए अहम निर्देश

भागलपुर में श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों की समीक्षा बैठक प्रभारी मंत्री नीतीश मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल, स्वास्थ्य, बिजली, ट्रैफिक, आपदा प्रबंधन और कांवरियों की सुविधाओं को लेकर विस्तृत तैयारियों की समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे तथा मेले के सफल आयोजन के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य सुनिश्चित करें।
भागलपुर | BLive डेस्क
विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों को लेकर सुल्तानगंज नगर परिषद सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नगर विकास एवं आवास तथा सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के मंत्री सह भागलपुर जिला प्रभारी मंत्री नीतीश मिश्रा ने की। बैठक में जिला प्रशासन ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से मेले की तैयारियों और विभिन्न विभागों की कार्ययोजना प्रस्तुत की।
जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बताया कि श्रावणी मेले के सफल संचालन में 14 विभागों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। पुलिस बल की तैनाती, साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, बिजली, ट्रांसफॉर्मर, मेडिकल कैंप, एम्बुलेंस, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता जांच, आपदा प्रबंधन, जल संसाधन विभाग द्वारा बैरिकेडिंग तथा वाटर एम्बुलेंस सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
इस वर्ष पंचायत राज विभाग को भी मेला व्यवस्था से जोड़ा गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में कांवरिया पथ की बेहतर सफाई और निगरानी सुनिश्चित की जा सके। कांवरियों की संख्या का आकलन करने के लिए हेड अकाउंट कैमरे लगाए जाएंगे। वहीं पर्यटन विभाग श्रद्धालुओं की सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए नई योजनाओं पर कार्य कर रहा है।
बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। सुल्तानगंज विधायक ने जल निकासी, महिला अस्पताल की चहारदीवारी, खेल मैदानों के विकास तथा श्रावणी मेले को राष्ट्रीय मेले का दर्जा दिलाने की मांग उठाई। वहीं बांका सांसद ने अजगैबीनाथ धाम में स्थायी एसडीआरएफ टीम, बेहतर बैरिकेडिंग और स्थानीय पंडों के लिए स्थायी व्यवस्था की आवश्यकता बताई।
प्रभारी मंत्री नीतीश मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में श्रावणी मेले के लिए 365 दिनों की स्थायी व्यवस्था विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। साथ ही विभागों के बेहतर कार्यों को सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक रूप से प्रचारित करने और आधुनिक आईटी समाधान अपनाने पर भी जोर दिया।
