बिहार में नई शिक्षक स्थानांतरण नियमावली 2026 लागू, ऑनलाइन होगी ट्रांसफर प्रक्रिया

बिहार सरकार ने "बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026" लागू कर दी है। नई व्यवस्था के तहत शिक्षकों का स्थानांतरण ऑनलाइन, पारदर्शी और आवश्यकता आधारित होगा। महिला शिक्षकों, दिव्यांग शिक्षकों तथा स्वास्थ्य एवं पारिवारिक कारणों वाले मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही जिला, प्रमंडल और राज्य स्तर पर स्थानांतरण समितियां गठित की जाएंगी तथा वरीयता अंक प्रणाली के आधार पर ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी होगी।
BLive डेस्क | पटना
बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों, प्रधान शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों के स्थानांतरण के लिए "बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026" की अधिसूचना जारी कर दी है। नई नियमावली के लागू होने के बाद राज्य में शिक्षक स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन, पारदर्शी और आवश्यकता आधारित होगी।
नई व्यवस्था के तहत प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों का स्थानांतरण विभागीय पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। स्थानांतरण के दौरान विद्यालय में शिक्षकों की उपलब्धता, छात्र-शिक्षक अनुपात (PTR), विषयवार आवश्यकता और प्रशासनिक जरूरतों को प्रमुख आधार बनाया जाएगा।
महिला शिक्षकों को बड़ी राहत
नई नियमावली में महिला शिक्षकों को विशेष सुविधा दी गई है। विवाहित महिला शिक्षकों को आवश्यकता के अनुसार अपने गृह पंचायत या गृह नगर निकाय अथवा उसके निकटवर्ती क्षेत्र में पदस्थापन का अवसर मिलेगा। वहीं पुरुष शिक्षकों को भी विशेष परिस्थितियों में गृह प्रखंड के आसपास स्थानांतरण का लाभ मिल सकेगा।
इन आधारों पर मिलेगा स्थानांतरण
स्थानांतरण के लिए शिक्षा विभाग ने कई प्राथमिकता श्रेणियां निर्धारित की हैं। इनमें—
- गंभीर बीमारी एवं स्वास्थ्य संबंधी कारण
- दिव्यांगता
- पति-पत्नी का एक स्थान पर पदस्थापन
- पारिवारिक परिस्थितियां
- विषयवार आवश्यकता
- विद्यालयों में शिक्षकों का संतुलित वितरण
- सामान्य स्थानांतरण
को प्राथमिकता दी जाएगी।
हर पांच वर्ष पर सामान्य स्थानांतरण
नियमावली के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में शिक्षकों का स्थानांतरण उनके सेवाकाल के प्रत्येक पांच वर्ष पर किया जा सकेगा। हालांकि विद्यालय की आवश्यकता, शिक्षक उपलब्धता तथा प्रशासनिक कारणों के आधार पर इसमें परिवर्तन संभव होगा।
जिला से राज्य स्तर तक बनेगी समितियां
स्थानांतरण प्रक्रिया के संचालन एवं निगरानी के लिए जिला, प्रमंडल और राज्य स्तर पर अलग-अलग स्थानांतरण समितियों का गठन किया गया है। यही समितियां प्राप्त आवेदनों की समीक्षा कर नियमानुसार निर्णय लेंगी।
मेरिट आधारित वरीयता प्रणाली लागू
नई नियमावली के साथ वरीयता (Preference) अंक प्रणाली भी लागू की गई है। इसमें सेवा अवधि, दिव्यांगता, गंभीर बीमारी, पति-पत्नी, महिला शिक्षक, एकल अभिभावक सहित विभिन्न श्रेणियों के लिए अलग-अलग अंक निर्धारित किए गए हैं। इन्हीं अंकों के आधार पर पात्र शिक्षकों की वरीयता तय होगी।
क्या होगा फायदा?
शिक्षा विभाग का मानना है कि नई नियमावली से शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी, विद्यालयों में शिक्षकों का संतुलित वितरण सुनिश्चित होगा, विषयवार रिक्तियों को भरने में आसानी होगी और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
