बिहार शिक्षक स्थानांतरण नियमावली 2026 पर बढ़ा विवाद, माध्यमिक शिक्षक संघ ने SOP में संशोधन की उठाई मांग

शिक्षक संघ ने शिक्षा विभाग की SOP की कुछ शर्तों पर आपत्ति जताई है। संघ ने परिवीक्षा अवधि वाले शिक्षकों को स्थानांतरण से वंचित करने की शर्त हटाने तथा अधिशेष शिक्षक निर्धारण से जुड़े प्रावधानों में संशोधन की मांग की है। संघ का कहना है कि मौजूदा प्रावधानों से बड़ी संख्या में इच्छुक शिक्षकों को स्थानांतरण का लाभ नहीं मिल पाएगा।
पटना | BLive डेस्क
बिहार में शिक्षक स्थानांतरण नियमावली 2026 के क्रियान्वयन को लेकर शिक्षक संगठनों की आपत्तियां सामने आने लगी हैं। बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ ने शिक्षा विभाग द्वारा जारी अधिसूचना संख्या 797, दिनांक 21 जुलाई 2026 के तहत निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) की कुछ शर्तों पर आपत्ति जताते हुए उनमें संशोधन की मांग की है।
संघ के पूर्व सांसद एवं महासचिव शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने शिक्षा मंत्री को पत्र भेजकर कहा है कि नई व्यवस्था की कुछ शर्तों से बड़ी संख्या में शिक्षकों के स्थानांतरण के अवसर प्रभावित हो सकते हैं।
परिवीक्षा अवधि की शर्त हटाने की मांग
संघ ने विशेष रूप से परिवीक्षा अवधि में रहने वाले शिक्षकों को स्थानांतरण के लिए पात्र नहीं मानने के प्रावधान पर आपत्ति जताई है।
पत्र में कहा गया है कि इससे कई शिक्षक स्थानांतरण के अवसर से वंचित हो सकते हैं। संघ ने उदाहरण देते हुए ऐसे मामलों का भी उल्लेख किया है, जहां महिला शिक्षिकाएं अपने परिवार या पति के कार्यस्थल से काफी दूर पदस्थापित हैं।
संघ ने मांग की है कि परिवीक्षा अवधि संबंधी प्रतिबंध को समाप्त कर ऐसे शिक्षकों को भी स्थानांतरण प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर दिया जाए।
अधिशेष शिक्षक तय करने के प्रावधान पर भी आपत्ति
संघ ने SOP में अधिशेष शिक्षकों की पहचान से संबंधित प्रावधानों में कथित विसंगति की ओर भी शिक्षा विभाग का ध्यान आकर्षित किया है।
पत्र के अनुसार एक प्रावधान में पांच वर्ष से अधिक समय से संबंधित विद्यालय में कार्यरत वरीय शिक्षक को अधिशेष के रूप में चिह्नित करने की व्यवस्था है, जबकि दूसरी स्थिति में कम सेवा अवधि वाले शिक्षक को अधिशेष शिक्षक के रूप में चिह्नित करने का प्रावधान बताया गया है।
संघ का कहना है कि इन दोनों व्यवस्थाओं में विरोधाभास दिखाई देता है और इससे शिक्षकों के बीच असमानता की स्थिति पैदा हो सकती है।
स्वीकृत पद पर कार्यरत वरीय शिक्षकों को अधिशेष नहीं बनाने की मांग
बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ ने मांग की है कि स्वीकृत पद पर पूर्व से कार्यरत शिक्षकों की पूर्व की सेवा, स्थापित सिद्धांत, नीति और परंपरा को ध्यान में रखते हुए उन्हें अधिशेष शिक्षक के रूप में चिह्नित नहीं किया जाए।
संघ के अनुसार ऐसी व्यवस्था से लंबे समय से एक ही विद्यालय में कार्यरत कई शिक्षकों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
शिक्षा मंत्री को भेजा पत्र
26 जुलाई 2026 को भेजे गए पत्र में संघ ने शिक्षा विभाग से संबंधित प्रावधानों की समीक्षा कर संशोधन करने की मांग की है।
संघ ने मुख्य रूप से परिवीक्षा अवधि की शर्त हटाने, अधिशेष शिक्षक निर्धारण से जुड़ी विसंगतियों को दूर करने और स्वीकृत पद पर पहले से कार्यरत शिक्षकों के हितों की रक्षा करने की मांग रखी है।
