जिला गंगा प्लान 2031 को लेकर बैठक, गंगा संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण पर बनी कार्ययोजना

भागलपुर में जिला गंगा प्लान 2031 को लेकर बैठक हुई। गंगा प्रदूषण नियंत्रण, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन और नदी पारिस्थितिकी के संरक्षण के साथ 2031 तक निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए विभागों को कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया गया।
भागलपुर | BLive डेस्क
भागलपुर में जिला गंगा प्लान 2031 के निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने को लेकर प्रमुख मुद्दों पर बैठक आयोजित की गई। बैठक में जोखिम आकलन, गैप विश्लेषण और आवश्यक आधारभूत संरचनाओं के विकास से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
गंगा में प्रदूषण रोकने पर विशेष जोर
बैठक में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, गैर-बिंदु स्रोतों से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम, जल संरक्षण एवं पुनर्भरण जैसे विषयों पर चर्चा की गई। संबंधित विभागों को अपने क्षेत्र से जुड़े आधारभूत आंकड़े, वर्तमान स्थिति, उपलब्ध संसाधन और मौजूदा कमियों की जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
सुल्तानगंज की चुनौतियों पर भी चर्चा
सुल्तानगंज में श्रावणी मेला एवं अन्य अवसरों पर बढ़ने वाली फ्लोटिंग आबादी के कारण उत्पन्न अपशिष्ट एवं जल प्रबंधन की चुनौतियों पर भी विशेष चर्चा हुई। सीवेज एवं तरल अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन तथा गंगा में प्रदूषण रोकने के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया।
2031 तक लक्ष्य हासिल करने की तैयारी
बैठक की अध्यक्षता नगर आयुक्त, भागलपुर ने की। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ ठोस कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उप विकास आयुक्त, भागलपुर द्वारा भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए।
बैठक में GIZ के प्रतिनिधियों, जल संसाधन सलाहकार डॉ. अंजना पंत सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं अभियंता उपस्थित रहे।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि जिला गंगा प्लान केवल प्रदूषण नियंत्रण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जल संरक्षण, स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन, नदी पारिस्थितिकी के संरक्षण तथा गंगा से जुड़े क्षेत्रों के समग्र एवं सतत विकास को भी इसका आधार बनाया जाएगा।
विभिन्न विभागों को वर्ष 2031 तक निर्धारित लक्ष्यों की दिशा में आवश्यक आंकड़े एवं कार्ययोजना उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया, ताकि चिन्हित कमियों को दूर करते हुए समयबद्ध तरीके से लक्ष्य हासिल किया जा सके।
