बिहार में बड़ी कार्रवाई: हड़ताल पर गए 41 अंचल अधिकारी निलंबित
बिहार सरकार ने हड़ताल पर गए 41 अंचल अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इन अधिकारियों पर सरकारी आदेशों की अवहेलना, राजस्व वसूली में कमी और प्रशासनिक कार्यों में लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। हड़ताल के कारण राज्य के 537 अंचलों में काम प्रभावित हुआ है और बड़ी संख्या में मामलों का निपटारा लंबित हो गया है। सरकार ने इस मामले को गंभीर मानते हुए विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
बिहार में बड़ी कार्रवाई: हड़ताल पर गए 41 अंचल अधिकारी निलंबित
पटना | ब्रेकिंग न्यूज़
बिहार सरकार ने हड़ताल पर गए अंचल अधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 41 अंचल अधिकारियों (CO) को एक साथ निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत की गई है।
क्या हैं आरोप?
निलंबित अधिकारियों पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं:
- सरकारी आदेशों की अवहेलना
- राजस्व वसूली में लापरवाही
- सरकारी बैठकों और अभियानों का बहिष्कार
- प्रशासनिक कार्यों में उदासीनता
- न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं करना
सरकार के अनुसार, इन कारणों से राज्य के वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
हड़ताल का असर
- राज्य के 537 अंचलों में काम प्रभावित
- लाखों मामलों का निपटारा रुका
- रोजाना हजारों आवेदन लंबित
📊 प्रमुख आंकड़े:
- परिमार्जन: 10,000+ आवेदन लंबित
- म्यूटेशन: 5,500+ आवेदन लंबित
- कुल लंबित मामले: 40 लाख से अधिक
राष्ट्रीय कार्य भी प्रभावित
सरकार ने यह भी कहा कि कुछ अधिकारियों ने जनगणना 2027 जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यों में भी बाधा डालने की कोशिश की, जो गंभीर अनुशासनहीनता मानी गई है।
विभागीय कार्रवाई जारी
निलंबन के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही (Departmental Proceeding) भी शुरू कर दी गई है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) दिया जाएगा।
कब से चल रही है हड़ताल?
- अंचल अधिकारी: 9 मार्च 2026 से हड़ताल पर
- कर्मचारी: लगभग 3500 कर्मचारी भी शामिल
इस कारण राज्यभर में राजस्व और भूमि से जुड़े कार्य बुरी तरह प्रभावित हो गए हैं।
👉 सरकार की इस सख्त कार्रवाई से साफ है कि प्रशासनिक लापरवाही और अनुशासनहीनता को लेकर अब जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है।
