भारत के म्यूचुअल फंड निवेश का बड़ा हिस्सा सिर्फ 5 राज्यों से, महाराष्ट्र अकेले 37% AUM का मालिक

भारत में म्यूचुअल फंड निवेश का 71% हिस्सा केवल पांच राज्यों से आता है। AMFI के ताजा आंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र अकेले 37% AUM के साथ सबसे आगे है। वहीं बिहार सहित अधिकांश राज्यों में निवेशकों की पहली पसंद इक्विटी म्यूचुअल फंड हैं, जबकि महाराष्ट्र में डेट और लिक्विड फंड का हिस्सा अधिक है।
नई दिल्ली | BLive Desk
भारत में म्यूचुअल फंड निवेश लगातार बढ़ रहा है, लेकिन इसका सबसे बड़ा हिस्सा अभी भी कुछ चुनिंदा राज्यों तक ही सीमित है। AMFI (Association of Mutual Funds in India) के नवीनतम भौगोलिक आंकड़ों के अनुसार देश के कुल म्यूचुअल फंड एसेट्स (AUM) का लगभग 71% हिस्सा केवल पांच राज्यों से आता है। यह जानकारी Moneycontrol की एक विस्तृत रिपोर्ट में सामने आई है।
महाराष्ट्र सबसे आगे
रिपोर्ट के अनुसार महाराष्ट्र देश का सबसे बड़ा म्यूचुअल फंड बाजार बना हुआ है। राज्य के पास औसतन ₹33.33 लाख करोड़ का AUM है, जो पूरे भारत के कुल म्यूचुअल फंड एसेट्स का 37% है।
दूसरे स्थान पर नई दिल्ली है, जहां औसत AUM ₹8.49 लाख करोड़ है। इसके बाद कर्नाटक (₹5.86 लाख करोड़), गुजरात (₹5.69 लाख करोड़) और पश्चिम बंगाल (₹4.02 लाख करोड़) शीर्ष पांच राज्यों में शामिल हैं।
कई राज्यों में तेजी से बढ़ रहा निवेश
रिपोर्ट बताती है कि तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, केरल, आंध्र प्रदेश और पंजाब जैसे राज्यों में भी म्यूचुअल फंड निवेश लगातार बढ़ रहा है। इन राज्यों का औसत AUM अब ₹1 लाख करोड़ से अधिक हो चुका है।
इससे संकेत मिलता है कि म्यूचुअल फंड निवेश अब केवल मुंबई और दिल्ली जैसे बड़े वित्तीय केंद्रों तक सीमित नहीं रह गया है।
अधिकांश राज्यों में इक्विटी फंड पहली पसंद
आंकड़ों के अनुसार देश के अधिकांश राज्यों में निवेशकों की पहली पसंद इक्विटी म्यूचुअल फंड हैं।
- बिहार, अरुणाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में औसत AUM का 81% हिस्सा इक्विटी फंड में निवेशित है।
- पंजाब में यह आंकड़ा 80% है।
- राजस्थान में 79%, मध्य प्रदेश में 78%, केरल में 77% और उत्तर प्रदेश में 76% निवेश इक्विटी योजनाओं में है।
महाराष्ट्र बना अपवाद
हालांकि महाराष्ट्र की तस्वीर बाकी राज्यों से अलग है। यहां कुल AUM का केवल 40% हिस्सा इक्विटी फंड में है, जबकि 60% निवेश नॉन-इक्विटी योजनाओं जैसे डेट और लिक्विड फंड में किया गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार महाराष्ट्र और दिल्ली में बड़ी संख्या में कॉरपोरेट कंपनियां, बैंक और वित्तीय संस्थान मौजूद हैं, जो अपने अतिरिक्त फंड का निवेश डेट और लिक्विड म्यूचुअल फंड में करते हैं। यही कारण है कि इन राज्यों में नॉन-इक्विटी निवेश का अनुपात अधिक है।
