बिहार में परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए 5 सदस्यीय विशेष समिति गठित, तीन महीने में देगी रिपोर्ट

राज्य सरकार ने विभिन्न परीक्षा बोर्डों, आयोगों, विश्वविद्यालयों और भर्ती एजेंसियों की परीक्षाओं में व्यापक सुधार की संभावनाओं के अध्ययन के लिए ‘परीक्षा सुधार पर एक विशेषज्ञ समिति’ गठित की है। समिति की अध्यक्षता उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे और इसे गठन की तिथि से तीन महीने के भीतर अपनी सिफारिश सरकार को सौंपनी होगी।
बिहार | BLive Desk
परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए 5 सदस्यीय विशेष समिति गठित
बिहार सरकार ने राज्य के विभिन्न परीक्षा बोर्डों, आयोगों, विश्वविद्यालयों एवं अन्य भर्ती एजेंसियों द्वारा आयोजित परीक्षाओं में व्यापक परीक्षा सुधार की संभावनाओं के अध्ययन के लिए पांच सदस्यीय विशेष समिति का गठन किया है।
इस संबंध में विभागीय अधिसूचना संख्या 15441 दिनांक 23 अगस्त 2026 को जारी की गई है।
सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में बनेगी समिति
सरकार द्वारा गठित समिति की अध्यक्षता माननीय उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश/सेवारत न्यायाधीश अथवा सेवानिवृत्त न्यायाधीश में से किसी एक द्वारा की जाएगी। समिति में कुल पांच सदस्य होंगे।
समिति के अध्यक्ष का चयन आवश्यकतानुसार माननीय उच्च न्यायालय से अनुरोध करके किया जाएगा।
तीन महीने में सरकार को देनी होगी रिपोर्ट
समिति को परीक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर गठन की तिथि से तीन महीने के भीतर अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपनी होंगी।
समिति परीक्षा प्रक्रिया में सुधार, पारदर्शिता और बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सुझाव देगी।
विभिन्न संस्थानों और विशेषज्ञों से ले सकेगी सुझाव
समिति अपने कार्यों के निष्पादन के लिए आवश्यकता के अनुसार आयोगों, विश्वविद्यालयों, संस्थानों, जिला प्रशासन, राज्य भर्ती एजेंसियों, विषय विशेषज्ञों, तकनीकी संस्थानों, प्रौद्योगिकीविदों एवं अन्य संबंधित लोगों से परामर्श कर सकेगी।
सरकार का यह कदम राज्य में होने वाली विभिन्न प्रतियोगी एवं भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
समिति की सिफारिशों के आधार पर परीक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधारों को लागू करने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
