5218 शिक्षकों की पोस्टिंग फाइनल, मेरिट या रैंडमाइजेशन—आपका कैसे हुआ चयन?
बिहार शिक्षा विभाग ने प्राथमिक विद्यालयों के प्रधान शिक्षकों का जिला आवंटन जारी कर दिया है। मेरिट, विकल्प और रैंडमाइजेशन के आधार पर हजारों अभ्यर्थियों को जिले दिए गए हैं।
पटना | BLive Desk
बिहार के हजारों शिक्षक अभ्यर्थियों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। शिक्षा विभाग ने प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्त होने वाले प्रधान शिक्षकों का जिला आवंटन जारी कर दिया है।
जारी आदेश के अनुसार, कुल 5218 अभ्यर्थियों को मेरिट-कम-चॉइस के आधार पर जिला आवंटित किया गया है। यानी अभ्यर्थियों द्वारा दिए गए विकल्प (choice) और उनकी मेरिट को ध्यान में रखते हुए पोस्टिंग तय की गई है।
सबसे अहम बात यह है कि जिन अभ्यर्थियों को उनके विकल्प के अनुसार जिला नहीं मिल पाया, उन्हें रैंडमाइजेशन (Randomisation) के जरिए जिला आवंटित किया गया है। यही कारण है कि कई अभ्यर्थियों को अपने पसंदीदा जिले से अलग जगह पोस्टिंग मिली है।
विभागीय जानकारी के मुताबिक, इस प्रक्रिया से पहले बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने e-Shikshakosh पोर्टल के माध्यम से Grievance दर्ज कराई थी। अंतिम चरण में इन आपत्तियों का निस्तारण करते हुए संशोधित सूची तैयार की गई।
काउंसलिंग प्रक्रिया के बाद भी जिन अभ्यर्थियों ने योगदान नहीं दिया था या जिला बदलना चाहते थे, उन्हें पुनः अवसर दिया गया, जिसके बाद यह अंतिम जिला आवंटन सूची जारी की गई है।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह आवंटन पूरी तरह सॉफ्टवेयर आधारित प्रक्रिया से पारदर्शी तरीके से किया गया है, ताकि किसी प्रकार की मानवीय हस्तक्षेप की संभावना न रहे।
अब सभी अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे अपने आवंटित जिले की जानकारी आधिकारिक पोर्टल पर जाकर तुरंत चेक करें और आगे की प्रक्रिया पूरी करें।
यह फैसला राज्य के स्कूलों में प्रधान शिक्षकों की कमी को दूर करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
