भागलपुर में बाढ़ का असर: 56 पंचायतों के 178 गांव प्रभावित, 2.17 लाख से अधिक आबादी प्रभावित
भागलपुर जिले में बाढ़ का असर व्यापक बना हुआ है। प्रशासन के अनुसार 56 पंचायतों के 178 गांव और 347 वार्ड प्रभावित हैं, जबकि 2,17,811 लोग प्रभावित हुए हैं। 22,035 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राहत-बचाव के लिए 71 नाव, 5 SDRF टीमें और 17 मोटर बोट तैनात हैं। प्रशासन को अगले 36–48 घंटे बाद जलस्तर में राहत की उम्मीद है।
भागलपुर | BLive डेस्क
भागलपुर जिले में बाढ़ की स्थिति को लेकर जिला प्रशासन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। प्रशासन के अनुसार वर्तमान में जिले की 56 पंचायतों के 178 गांव और 347 वार्ड बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से 2,17,811 लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि 22,035 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर निष्क्रमित किया गया है।
प्रशासन के मुताबिक अलग-अलग प्रखंडों और अंचलों में 71 नावों का परिचालन किया जा रहा है। अब तक करीब 4,000 पॉलिथीन शीट वितरित की जा चुकी हैं। राहत कार्यों के तहत जिले में फिलहाल 15 सामुदायिक रसोई संचालित हैं। जरूरत के अनुसार इनकी संख्या बढ़ाई या घटाई जा सकती है। 24 अगस्त से अब तक सामुदायिक रसोइयों के माध्यम से एक लाख से अधिक लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है।
सात स्थानों पर चल रहे बाढ़ राहत शिविर
जिले में फिलहाल सात स्थानों पर राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। इनमें TNB कॉलेज, IIT, ईवनिंग कॉलेज भागलपुर, महाशय ड्योढ़ी, CTS चर्च मैदान, बाल निकेतन, लीला कोठी और पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान शामिल हैं। इन राहत शिविरों में अब तक 5,161 लोगों ने भोजन प्राप्त किया है।
प्रशासन ने बताया कि खरीक और राघोपुर क्षेत्र में तटबंध टूटने से उत्पन्न स्थिति को देखते हुए पहले से ही राहत शिविरों के लिए स्थान चिह्नित किए गए हैं। गणेश पासा के वेयरहाउस संख्या 1, 2 और 3 को आवश्यकता पड़ने पर राहत शिविर के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
SDRF की 5 टीमें और 17 मोटर बोट तैनात
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए जिले में SDRF की पांच टीमें और 17 मोटर बोट तैनात की गई हैं। खतरनाक घाटों की 24 घंटे निगरानी की जा रही है। इसके अलावा 501 आपदा मित्र विभिन्न अंचलों में जरूरत के अनुसार तैनात किए गए हैं।
प्रशासन ने बताया कि बाढ़ राहत सामग्री का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और पॉलिथीन शीट की भी पर्याप्त व्यवस्था है। पशु चारे का वितरण भी शुरू किया जा रहा है। अभी तक किया जा चुका है।
