भागलपुर में अभियोजन मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर, एक माह में 686 मामलों का निस्तारण

भागलपुर में अभियोजन, स्पीडी ट्रायल एवं मद्यनिषेध मामलों की समीक्षा की गई। एक माह में 686 मामलों का निष्पादन हुआ, जिनमें 71 मामलों में अभियुक्तों को सजा दी गई। लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए अभियोजन पदाधिकारियों को न्यूनतम 5-5 मामलों के निष्पादन का मासिक लक्ष्य दिया गया।
भागलपुर | BLive डेस्क
अभियोजन, स्पीडी ट्रायल एवं मद्यनिषेध कार्यों की समीक्षा को लेकर समीक्षा भवन, भागलपुर में बैठक आयोजित की गई। बैठक में लंबित वादों के त्वरित निष्पादन, गंभीर एवं संवेदनशील मामलों में प्रभावी अभियोजन तथा पुलिस एवं अभियोजन के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया।
बैठक में जघन्य अपराध, पॉक्सो अधिनियम, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार अधिनियम, NDPS अधिनियम, शस्त्र अधिनियम एवं उत्पाद अधिनियम से संबंधित मामलों में अभियोजन कार्यों की समीक्षा की गई।
समीक्षा अवधि में कुल 686 मामलों का निष्पादन किया गया। इनमें 71 मामलों में अभियुक्तों को सजा, 82 मामलों में रिहाई तथा 533 मामलों का सुलह के माध्यम से निस्तारण हुआ।
इससे पहले पिछले माह कुल 527 मामलों का निष्पादन किया गया था। इस प्रकार पिछले माह की तुलना में अभियोजन मामलों के निष्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
लंबित वादों के त्वरित निष्पादन के लिए प्रत्येक अभियोजन पदाधिकारी एवं अभियोजक को प्रति माह न्यूनतम 5-5 मामलों के निष्पादन का लक्ष्य निर्धारित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही स्पीडी ट्रायल के मामलों को विशेष प्राथमिकता देने को कहा गया।
बैठक में गवाहों की समय पर उपस्थिति, समय पर आरोप-पत्र एवं केस डायरी दाखिल करने तथा पुलिस एवं अभियोजन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि निर्धारित लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करते हुए अभियोजन कार्यों को और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाया जाए।
बैठक में अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था), वरीय उप समाहर्ता, जिला विधि शाखा, मुख्य अभियोजक, लोक अभियोजक, अपर लोक अभियोजक एवं विशेष लोक अभियोजक सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
