58% डीए से राहत, इन्क्रीमेंट की देरी ने बढ़ाई बेचैनी
दिसंबर वेतन में केवल डीए जुड़ा, वार्षिक इंक्रीमेंट न मिलने से BPSC शिक्षक असमंजस में
भागलपुर | BLive डेस्क
भागलपुर जिले में BPSC से नियुक्त शिक्षकों को दिसंबर माह की सैलरी से जो संकेत मिला है, वह राहत और निराशा—दोनों का मिश्रण है। एक ओर महंगाई भत्ता (DA) बढ़कर 58 प्रतिशत होने से वेतन में कुछ सुधार जरूर हुआ है, लेकिन दूसरी ओर वार्षिक वेतनवृद्धि (इंक्रीमेंट) के न जुड़ने से शिक्षकों की मुख्य अपेक्षा अधूरी रह गई।
शिक्षकों को उम्मीद थी कि जुलाई 2024 और जुलाई 2025 के लंबित इंक्रीमेंट दिसंबर की सैलरी में जुड़ेंगे। लेकिन वेतन भुगतान के समय केवल डीए जोड़कर सैलरी दी गई, जबकि इंक्रीमेंट बेसिक वेतन में शामिल नहीं किया गया। इससे जिले भर के BPSC शिक्षकों में असंतोष और बेचैनी देखी जा रही है।
क्यों इंक्रीमेंट अहम है? विशेषज्ञों के अनुसार, डीए महंगाई के प्रभाव को कुछ हद तक संतुलित करता है, जबकि इंक्रीमेंट वेतन संरचना का स्थायी हिस्सा होता है। इंक्रीमेंट न जुड़ने से न केवल वर्तमान वेतन प्रभावित होता है, बल्कि NPS अंशदान, वार्षिक आय और भविष्य की पेंशन पर भी इसका सीधा असर पड़ता है।
कैलकुलेशन क्या कहता है? BLive की गणना के अनुसार, इंक्रीमेंट न जुड़ने से कक्षा 1–5 के शिक्षकों को हर महीने लगभग ₹1,200, कक्षा 6–8 को ₹2,500, कक्षा 9–10 को ₹2,700 और कक्षा 11–12 के शिक्षकों को करीब ₹2,800 तक का नुकसान हो रहा है।
शिक्षकों की प्रतिक्रिया शिक्षकों का कहना है, “डीए बढ़ने से वेतन में मामूली सुधार जरूर हुआ है, लेकिन इंक्रीमेंट न जुड़ने से शिक्षकों की मुख्य अपेक्षा अधूरी रह गई।”
अगली सैलरी से उम्मीद हालांकि दिसंबर की सैलरी को लेकर निराशा है, लेकिन शिक्षकों को अब भी उम्मीद है कि अगली सैलरी में इंक्रीमेंट जोड़कर भुगतान किया जाएगा। यदि ऐसा होता है, तो इससे न केवल वेतन में वास्तविक सुधार होगा, बल्कि शिक्षकों के मनोबल को भी मजबूती मिलेगी।
BLive की नजर इंक्रीमेंट से जुड़ा यह मामला अब केवल प्रशासनिक प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शिक्षकों की आर्थिक स्थिरता और शिक्षा व्यवस्था से भी जुड़ा हुआ है। BLive इस पूरे मुद्दे पर लगातार नजर बनाए हुए है।
