भागलपुर | BLive डेस्क
आज मकर संक्रांति का पर्व भागलपुर सहित पूरे बिहार में श्रद्धा, उत्साह और पारंपरिक रंगों के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी, जहाँ लोगों ने पवित्र स्नान कर सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित किया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
भागलपुर में मकर संक्रांति केवल एक पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। शहर के कचहरी घाट, बूढ़ानाथ घाट, आदमपुर और आसपास के गंगा तटों पर सुबह से ही श्रद्धालु पहुंचने लगे थे। स्नान के बाद दान-पुण्य का विशेष महत्व रहा, जिसमें तिल, चूड़ा, गुड़, दही और खिचड़ी का दान किया गया।
🪁 पतंगों से सजा भागलपुर का आसमान
मकर संक्रांति के साथ ही भागलपुर के आसमान में पतंगों की रंग-बिरंगी छटा देखने को मिली। बच्चों से लेकर युवाओं तक में पतंग उड़ाने को लेकर खासा उत्साह दिखा। मोहल्लों की छतों पर दिनभर “वो काटा” की आवाज़ गूंजती रही।
🍲 खिचड़ी और तिलकुट की खुशबू
इस पर्व पर घर-घर में खिचड़ी, तिलकुट, लाई और गुड़ से बने व्यंजन तैयार किए गए। भागलपुर का प्रसिद्ध तिलकुट बाजारों में खास आकर्षण का केंद्र रहा। स्थानीय दुकानों पर सुबह से ही लोगों की भीड़ देखने को मिली।
🌾 सूर्य के उत्तरायण होने का पर्व
मकर संक्रांति सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का पर्व है, जिसे उत्तरायण की शुरुआत माना जाता है। यह पर्व कृषि, ऋतु परिवर्तन और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा के आगमन का प्रतीक है। किसानों के लिए भी यह पर्व विशेष महत्व रखता है।
🤝 सामाजिक सौहार्द का संदेश
भागलपुर में मकर संक्रांति ने एक बार फिर आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत किया। लोग एक-दूसरे के घर जाकर तिल-चूड़ा और खिचड़ी का प्रसाद ग्रहण करते नजर आए।
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