यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई है। कोर्ट ने नियमों को अस्पष्ट बताते हुए दुरुपयोग की आशंका जताई है। फिलहाल रेगुलेशन 3(c) लागू नहीं होगा।
देशभर में विरोध के बीच रेगुलेशन 3(c) पर अंतरिम स्टे
यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई है। कोर्ट ने नियमों को अस्पष्ट बताते हुए दुरुपयोग की आशंका जताई है। फिलहाल रेगुलेशन 3(c) लागू नहीं होगा।
नई दिल्ली | BLive News
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा लागू किए गए नए नियमों को लेकर देशभर में मचे विरोध और विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाते हुए इन नियमों पर अंतरिम रोक (Stay) लगा दी है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान नियमों की भाषा और परिभाषा को अस्पष्ट बताते हुए कड़ी टिप्पणी भी की है।
क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि
▪️ UGC के नए नियम स्पष्ट नहीं हैं
▪️ इनका दुरुपयोग होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता
▪️ शिक्षा संस्थानों में एकता और संतुलन बना रहना चाहिए
कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी भी नियम की भाषा ऐसी होनी चाहिए, जिससे भ्रम या एकतरफा व्याख्या की गुंजाइश न रहे।
**विवाद की वजह क्या है**
UGC के नए नियमों में रेगुलेशन 3(c) के तहत “जाति-आधारित भेदभाव” की परिभाषा को केवल
SC, ST और OBC वर्ग तक सीमित कर दिया गया था।
इसी को लेकर याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि यह नियम
▪️ गैर-समावेशी हैं
▪️ सामान्य वर्ग को शिकायत के अधिकार से बाहर करते हैं
▪️ संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 का उल्लंघन करते हैं
याचिकाकर्ताओं का पक्ष
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि भेदभाव केवल एक दिशा में नहीं होता और नियमों में “रिवर्स डिस्क्रिमिनेशन” की संभावना को पूरी तरह नज़रअंदाज़ किया गया है।
**सरकार और UGC की दलील**
UGC और केंद्र सरकार ने अदालत में कहा कि ये नियम
▪️ ऐतिहासिक रूप से वंचित वर्गों की सुरक्षा
▪️ उच्च शिक्षण संस्थानों में समान अवसर सुनिश्चित करने
के उद्देश्य से बनाए गए हैं और यह एक पुरानी जनहित याचिका के संदर्भ में उठाया गया कदम है।
अब आगे क्या
**सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल**
👉 रेगुलेशन 3(c) के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है
👉 UGC और केंद्र सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है
अगली सुनवाई में यह तय होगा कि नियमों में संशोधन होगा या स्टे आगे भी जारी रहेगा।
BLive News इस अहम शिक्षा और संवैधानिक मुद्दे पर हर अपडेट आप तक पहुंचाता रहेगा।